उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा: असीम अरुण

Summary :

भाजपा सबका साथ सबका विकास के साथ काम करती है

यूपी में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा, असीम अरुण ने अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सबका साथ सबका विकास के साथ काम करती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने यूपी की कानून व्यवस्था सहित पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर भाजपा पर तंज कसा। अखिलेश ने कहा कि भाजपा दंगा कराकर राजनीतिक लाभ लेने का काम करती है। अखिलेश के इस बयान पर योगी सरकार में मंत्री असीम अरुण ने करारा जवाब दिया। असीम अरुण ने कहा कि भाजपा सबका साथ सबका विकास के साथ काम करती है और यूपी में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों का बर्दाश्त नहीं किया जाता है। मंगलवार को योगी सरकार में मंत्री असीम अरुण ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात की। उन्होंने कहा कि यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख स्पष्ट है कि अगर कोई कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, चाहे वह किसी भी धर्म से हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। आज यूपी शांत प्रदेशों में से एक है। दूसरे प्रदेश के लोग भी यूपी की कानून व्यवस्था और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हैं।

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वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर योगी सरकार में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि वक्फ का कानून बहुत पुराना है। हमने देखा है कि कैसे भू-माफिया उसका दुरुपयोग कर रहे थे। इनके द्वारा वक्फ की जमीनों पर कब्जा हो रहा था। सदन में वक्फ कानून को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत पास किया गया है। मुझे लगता है कि वक्फ कानून को सुप्रीम कोर्ट रिव्यू करेगा और जैसा है वैसा ही रखेगा। उन्होंने कहा कि अब तक वक्फ बोर्ड के पास संपत्तियों का ब्योरा नहीं है। लेकिन, नई तकनीक जिसमें जीपीएस, सेटलाइट ड्रोन के माध्यम से एक लिस्ट बनाई जाएगी। जिसमें पता चलेगा कि किसके पास कितनी संपत्ति है।

‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर अखिलेश यादव के बयान पर योगी सरकार में मंत्री ने कहा अखिलेश यादव को यह पता होना चाहिए कि ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ का मतलब यह नहीं है कि एक दिन में चुनाव होगा। बल्कि, इसका मतलब है कि छह महीने में चुनाव होंगे। पहले लोकसभा के चुनाव होंगे। इसके बाद बारी-बारी से अन्य चुनाव छह माह में संपन्न कराए जाएंगे।

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