Bangladesh Energy Crisis: खाड़ी देशों में जारी जंग के बीच बांग्लादेश में गैस-तेल की किल्लत के साथ अब ऊर्जा संकट गहरा गया है। बांग्लादेश सरकार ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से और भी बदतर हो चुके ऊर्जा संकट के जवाब में कई जरूरी उपायों की घोषणा की है, जिनमें कार्यालय के घंटों को कम करना, दुकानों को जल्दी बंद करना और कई क्षेत्रों में सरकारी खर्चों को कम करना शामिल है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अधिकारियों ने ऊर्जा खपत कम करने के साथ गैर-जरूरी खर्चों को कम करने के उद्देश्य से उपायों को मंजूरी दी।
बांग्लादेश सरकार का फैसला
देश में उर्जा संकट के बीच बांग्लादेश सरकार और निजी कार्यालय अब सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक काम करेंगे, वहीं बैंक दोपहर 3:00 बजे तक लेनदेन की अनुमति देंगे और शाम 4:00 बजे तक पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। दुकानें और शॉपिंग मॉल शाम 6:00 बजे तक बंद करने होंगे, लेकिन आवश्यक वस्तुओं की बिक्री करने वाले आउटलेट, भोजनालय और दवा की दुकानें खुली रहेंगी। शादियों या अन्य समारोहों के लिए सजावटी रोशनी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
Bangladesh Energy Crisis: मेहमानों पर होने वाले खर्च में 50 प्रतिशत की कटौती

सरकार ने बैठकों और सेमिनारों में मेहमानों पर होने वाले खर्च में 50 प्रतिशत की कटौती करने, घरेलू प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आधा करने और गैर-जरूरी यात्रा को 30 प्रतिशत तक सीमित करने का भी निर्णय लिया है। पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, सरकारी स्कूलों को इलेक्ट्रिक बसों को फ्री आयात करने की अनुमति दी जाएगी। वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक बसों पर केवल 20 प्रतिशत आयात शुल्क लगेगा।
Bangladesh Fuel Crisis: ऊर्जा बचाने के लिए कई जरूरी कदम उठाए
बांग्लादेश में ऊर्जा बचाने के लिए कई जरूरी कदम उठाए गए है साथ ही अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि ये उपाय अस्थायी हैं और बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं पर वैश्विक ऊर्जा संकट के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक हैं। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसे बांग्लादेश से डीजल की आपूर्ति के लिए एक अनुरोध प्राप्त हुआ है, जिसकी वर्तमान में सरकार द्वारा जांच की जा रही है क्योंकि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण दुनिया भर के कई देशों में ईंधन संकट बना हुआ है और इस संकट में मालदीव और श्रीलंका सहित पड़ोसी देशों ने भी भारत से संपर्क किया है।
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