भरिंडवाल ने बताया कि विशेष रूप से एयर इंडिया, आकाशा एयर और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस को नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि ये एयरलाइंस बोइंग विमानों का इस्तेमाल करती हैं. बोइंग विमानों के इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोत्तरी की संभावना बढ़ गई है.
Ahmedabad plane crash: अहमदाबाद में गुरुवार को हुए एयर इंडिया विमान हादसे के बाद हवाई यात्रियों को बड़ा झटका लग सकता है. दरअसल, कई विमानन कंपनियां अपने किराए को बढ़ाए जाने की योजना बना रही हैं. इसके पीछे मुख्य वजह विमान इंश्योरेंस प्रीमियम में संभावित बढ़ोतरी बताई जा रही है. इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IBAI) के अध्यक्ष नरेंद्र भरिंडवाल के अनुसार, इस दुर्घटना के कारण विमानन कंपनियों के इंश्योरेंस लागत में इजाफा होगा, जिसका असर सीधे तौर पर हवाई टिकट की कीमतों पर देखने को मिलेगा.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भरिंडवाल ने बताया कि विशेष रूप से एयर इंडिया, आकाशा एयर और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस को नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि ये एयरलाइंस बोइंग विमानों का इस्तेमाल करती हैं. बोइंग विमानों के इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोत्तरी की संभावना बढ़ गई है, जिसके चलते एयरलाइंस अपने खर्चों को कवर करने के लिए किराए बढ़ा सकती हैं. इससे यात्रियों के लिए हवाई सफर महंगा हो सकता है.
इंश्योरेंस प्रीमियम में कितनी बढ़ोतरी संभव है?
एक्स्पर्ट्स के अनुसार, एयर इंडिया के पास मौजूदा समय में 34 बोइंग 787 कैटेगिरी के विमान हैं और 20 और विमानों का ऑर्डर भी दिया गया है. इसके अलावा स्पाइसजेट के पास बोइंग 737 मैक्स 8एस मॉडल के विमान हैं. इन विमानों के इंश्योरेंस प्रीमियम में 2.8 करोड़ डॉलर से बढ़कर लगभग 5 करोड़ डॉलर तक की वृद्धि हो सकती है. यह लगभग दोगुनी बढ़ोतरी है जो एयरलाइंस के लिए वित्तीय दबाव बढ़ाएगी.
किराए में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?
इस इंश्योरेंस प्रीमियम में वृद्धि के बाद एयर इंडिया समेत अन्य बोइंग विमानों का उपयोग करने वाली एयरलाइंस अपने टिकटों के दाम में 2 से 5 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकती हैं. खासकर एयर इंडिया के कई विमान लीज पर हैं, जिसके कारण उनकी ऑपरेटिंग लागत पहले से ही अधिक है. इस वजह से आने वाले समय में किराए में करीब 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है.

विमानन सुरक्षा और इंश्योरेंस का संबंध
एविएशन सेक्टर में इंश्योरेंस प्रीमियम का निर्धारण जोखिम के स्तर, विमान के प्रकार, सुरक्षा फीचर्स और पिछली दुर्घटनाओं के इतिहास पर निर्भर करता है. एयर इंडिया के विमान के दुर्घटना ग्रस्त होने से इस श्रेणी के विमानों के साथ जुड़ा जोखिम बढ़ गया है. प्रूडेंट इंश्योरेंस ब्रोकर के विशेषज्ञ हितेश गिरोत्रा का भी मानना है कि इस दुर्घटना के बाद बोइंग विमानों को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिससे इन विमानों के इंश्योरेंस लागत में भारी बढ़ोतरी हो सकती है.
जब विमानन कंपनियों का इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ता है, तो वे अपनी अतिरिक्त लागत को कम करने के लिए टिकटों की कीमत बढ़ाने की सोचती हैं. ऐसे में यात्रियों को महंगे हवाई सफर का सामना करना पड़ सकता है. विशेषकर घरेलू यात्रियों के लिए यह एक बड़ा झटका हो सकता है क्योंकि घरेलू हवाई किराया पहले से ही महंगा होता जा रहा है.


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