भाजपा ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमों मायावती द्वारा निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद चुनाव प्रचार करने की शिकायत चुनाव आयोग से की।
भाजपा ने चुनाव आयोग से लिखित शिकायत में कहा है कि आखिरी चरण के लिये चुनाव का प्रचार 17 मई को सायं 06 बजे ही समाप्त हो गया था, लेकिन इन्होने रात्रि 08.22 बजे ट्वीट करके मतदाताओं को प्रभावित करने का काम किया गया। जो चुनाव आयोग के नियमों और आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है।
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पार्टी का कहना है कि बसपा प्रमुख ने 18 मई को सुबह 10.24 बजे दो ट्वीट किये गये और दोनों ही ट्वीट मतदान को प्रभावित करने वाले हैं तथा चुनाव प्रचार की श्रेणी में आते हैं।
उन्होने कहा कि शअखिलेश यादव और उनकी पार्टी ना कभी बाबा साहब अंबेडकर को मानते थे और ना ही बाबा साहब के बनाए हुए संविधान को ही मानते थे लेकिन विडंबना यह है कि बसपा सुप्रीमो मायावती भीम बाबा साहब के बनाए हुए संविधान की अवहेलना करते हुए संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना कर रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान यदि देखा जाए तो मायावती ने हर बार चुनाव आयोग की मंशा के विरुद्ध ही आचरण किया है।


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