ब्रजेश पाठक का तंज- सपा ने समाजवाद को गाली गलौज की प्रयोगशाला बना दिया

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ब्रजेश पाठक ने सपा की टिप्पणियों को बताया स्तरहीन

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सपा ने समाजवाद को गाली गलौज और स्तरहीन टिप्पणियों की प्रयोगशाला बना दिया है। उन्होंने सपा के सोशल मीडिया सेल की आलोचना की और अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या वे इस स्त्री-विरोधी मानसिकता को स्वीकार करेंगे।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एक बार फिर सपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सपा ने समाजवाद को गाली गलौज, उदंडता और स्तरहीन टिप्पणियों की प्रयोगशाला बना दिया।

भाजपा के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने रविवार को अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि सपा मीडिया सेल के साथी आलोचना करने के दौरान जिन शब्दों का प्रयोग करते हैं, उसे पढ़कर लगता ही नहीं कि यह पार्टी राममनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र की पार्टी रह गई है। जार्ज साहब की बात तथाकथित “समाजवादी” भूल गए कि शिविर लगाया करो, पढ़ा-लिखा करो।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सपाइयों को लोहिया-जेपी पढ़ाइए और पंडित जनेश्वर जी के भाषण सुनवाएं, ताकि इनके आचरण और उच्चारण में समाजवाद झलके। लोहिया की किताबें आप पर न हों तो मैं उपलब्ध करवा सकता हूं। हे महान लोहिया, जनेश्वर जी। इन नादानों को क्षमा करें, इन्हें कुछ पढ़ाया-लिखाया, सिखाया व समझाया नहीं गया। यह नहीं जानते कि समाजवाद क्या है? इन्होंने समाजवाद को गाली गलौज, उदंडता और स्तरहीन टिप्पणियों की प्रयोगशाला बना दिया है।

ब्रजेश पाठक ने आगे लिखा, “जब विपक्ष में रहते हुए इनका यह रूप है तो सत्ता में होते हुए इन्होंने क्या किया होगा, सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। हैरानी यह भी है कि उदंडता, अश्लीलता और अराजकता की संस्कृति के ये शिशुपाल अपने बचाव में योगेश्वर कृष्ण का नाम लेने का दुस्साहस भी कर लेते हैं।”

उपमुख्यमंत्री ने लिखा कि हे योगेश्वर कृष्ण, इन शिशुपालों का ऐसे ही उपचार करते रहना जैसे यूपी की जनता पिछले दस सालों से करती आ रही है। यही इनकी नियति होगी।

दरअसल, शनिवार को सपा के सोशल मीडिया सेल ने ब्रजेश पाठक के डीएनए पर सवाल खड़े किए थे। उन पर व्यक्तिगत और आपत्तिजनक बातें कही गई थीं। सपा ने ‘एक्स’ पर लिखा था, “ब्रजेश पाठक का डीएनए सोनागाछी और जीबी रोड का है।” सपा की इस पोस्ट पर ब्रजेश पाठक ने पलटवार करते हुए अखिलेश और डिंपल यादव से सवाल पूछा – “क्या वे इस स्त्री-विरोधी और पतित मानसिकता को स्वीकार करेंगे? क्या यही उनकी पार्टी की भाषा है?”

इस विवादित पोस्ट को लेकर पुलिस में शिकायत भी हुई है। विवाद बढ़ने के बाद सपा मीडिया सेल ने पोस्ट को डिलीट कर दिया। समाजवादी पार्टी की ब्रजेश पाठक पर टिप्पणी के बाद सियासी विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में खुद सपा मुखिया अखिलेश यादव भी कूद गए हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर एक लंबी पोस्ट लिखी।

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