बांग्लादेश में एक और हिन्दू ही हत्या, सोते हुए युवक को जिंदा जलाया, दुकान के अंदर मिला शव

Summary :

Chanchal Chandra Bhaumik Murder: बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। नरसिंगदी में शुक्रवार रात 23 जनवरी को एक खौफनाक घटना हुई, जिसे सुन आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। हिंदू युवक चंचल भौमिक को सोते समय जिंदा जलाकर मार डाला। युवक दुकान के अंदर सो रहा था, तभी हमलावर आए और उन्होंने शटर बंद करके पेट्रोल डाला और आग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावर तक तक बाहर नहीं आए, जब तक चंचल जल के मर नहीं गया। उसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। Bangladesh Hindu Murder: सोते हुए युवक को…

Chanchal Chandra Bhaumik Murder: बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। नरसिंगदी में शुक्रवार रात 23 जनवरी को एक खौफनाक घटना हुई, जिसे सुन आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। हिंदू युवक चंचल भौमिक को सोते समय जिंदा जलाकर मार डाला। युवक दुकान के अंदर सो रहा था, तभी हमलावर आए और उन्होंने शटर बंद करके पेट्रोल डाला और आग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावर तक तक बाहर नहीं आए, जब तक चंचल जल के मर नहीं गया। उसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

Bangladesh Hindu Murder: सोते हुए युवक को जलाया

Chanchal Chandra Bhaumik Murder
Bangladesh Hindu Murder (Image- Social Media)

शुक्रवार रात को काम खत्म करने के बाद, थकान के कारण चंचल वर्कशॉप में सो गया था। तभी देर रात अज्ञात बदमाशों ने दुकान में आग लगा दी। वर्कशॉप के अंदर पेट्रोल और अन्य ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप लिया। चंचल को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और दम घुटने व जलने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

Bangladesh Minorities Killing: हत्या सुनियोजित थी!

चंचल अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। पिता की मौत के बाद वह अपनी बीमार मां, विकलांग बड़े भाई और छोटे भाई की देखभाल करता था। वह पिछले छह सालों से नरसिंगदी के एक गैराज में काम करता था और वहीं रहता था। स्थानीय निवासी और गैराज मालिक ने चंचल को एक सरल और ईमानदार युवक बताया, जिसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। परिवार और पड़ोसियों का मानना है कि यह हत्या सुनियोजित थी और संभवतः धार्मिक घृणा से जुड़ी हो सकती है।

Hindu Killed in Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम

Chanchal Chandra Bhaumik Murder
Dipu Chandra Das (Image- Social Media)

बांग्लादेश में पहले भी इसी तरह के हमले हो चुके हैं, जैसे दीपू चंद्र दास और खोकन चंद्र दास की जलाकर हत्या। इन घटनाओं ने हिंदू समुदाय के बीच भय फैलाया। 31 दिसंबर को शरियतपुर जिले में खोकन दास, जो एक दवा की दुकान चलाते थे, उनके ऊपर भीड़ ने चाकू से हमला किया, पीटा और पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। इससे पहले दीपू चंद्र दास को भी पीट-पीटकर मारा और उनका शव जलाया। इन हमलों के बाद भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं, जहां बीजेपी ने इसे बंगाली हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा का हिस्सा बताया।

यह भी पढ़ें: खैबर पख्तूनख्वा में शादी समारोह के दौरान आत्मघाती हमला, 6 लोगों की मौत

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।