Char Dham Yatra Update : चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच गंगोत्री धाम में दर्शन और आरती के समय में बदलाव किया गया है। मंदिर समिति ने बैठक के बाद नया टाइम टेबल जारी किया है। इसके अनुसार, इस बार श्रद्धालु सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था के लिए विस्तृत समय सारणी तैयार की गई है।
19 अप्रैल को खुलेंगे गंगोत्री धाम के कपाट
मिली जानकारी के अनुसार, गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
जो श्रद्धालु दिन में समय पर नहीं पहुंच पाएंगे, वे शाम की आरती के बाद भी दर्शन कर सकेंगे। मंदिर में शाम की आरती 7:45 बजे समाप्त होगी, जिसके बाद रात 10 बजे तक दर्शन की अनुमति रहेगी।
इससे पहले मंदिर में दर्शन का समय सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक सीमित था, लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर शाम 4 बजे तक कर दिया गया है ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें।
मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों की बैठक
उत्तरकाशी स्थित गंगोत्री मंदिर धर्मशाला में श्री पांच मंदिर समिति के पदाधिकारियों और तीर्थ पुरोहितों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चारधाम यात्रा की तैयारियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
चारधाम के कपाट कब खुलेंगे
- चारधाम यात्रा के तहत उत्तराखंड के प्रमुख धामों के कपाट अप्रैल में खुलने जा रहे हैं।
- यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन खुलेंगे।
- केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह करीब 8 बजे खोले जाएंगे।
- बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह लगभग 6:15 बजे खुलेंगे।
- वहीं, श्री हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तारीख अलग से मई के आसपास घोषित की जाएगी।
यात्रा को लेकर प्रशासन सतर्क
चारधाम यात्रा के मद्देनजर जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है। रुद्रप्रयाग जिले में प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर चलने वाले होटल, लॉज, रिसॉर्ट और होमस्टे संचालकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन ने साफ किया है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी होटल और होमस्टे मालिकों को अपनी दरें जिला पर्यटन कार्यालय से स्वीकृत कराना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को उचित सुविधाएं और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
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