छत्तीसगढ़ में नीतिगत बदलाव, नक्सली मामलों की वापसी प्रक्रिया को मंजूरी, 14 संशोधनों पर भी सहमति

Chhattisgarh Cabinet Meeting

Chhattisgarh Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से जुड़े आपराधिक मामलों को वापस लेने या समाप्त करने की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का मानना है कि जो नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़ चुके हैं और मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं, उनकी मदद करना आवश्यक है।

Chhattisgarh Cabinet Meeting: मामलों की समीक्षा के लिए मंत्रिपरिषद की उपसमिति बनेगी

कैबिनेट ने फैसला किया है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के मामलों की जांच और समीक्षा के लिए मंत्रिपरिषद की एक उपसमिति बनाई जाएगी। यह समिति प्रत्येक मामले की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करेगी। उपसमिति की सिफारिशों के आधार पर अंतिम निर्णय सरकार द्वारा लिया जाएगा।

Chhattisgarh Cabinet Meeting
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Chhattisgarh News: नीति के अनुसार अच्छे आचरण पर मिलेगी राहत

यह पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार की नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति के अनुसार होगी। इस नीति में साफ कहा गया है कि जिन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और अच्छा व्यवहार दिखाते हुए नक्सल उन्मूलन में सहयोग दिया है, उन्हीं के मामलों पर राहत देने पर विचार किया जाएगा।

Chhattisgarh News Today: जिला स्तरीय समिति भी होगी गठित

सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि मामले वापस लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जिला स्तरीय समिति बनाई जाए। यह समिति आत्मसमर्पित नक्सलियों के मामलों की विस्तार से जांच करेगी। जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी जाएगी। पुलिस मुख्यालय अपनी अनुशंसा के साथ इसे राज्य सरकार को भेजेगा। इसके बाद विधि विभाग की राय लेकर इसे मंत्रिपरिषद की उपसमिति तक पहुंचाया जाएगा। केंद्र से जुड़े मामलों में भारत सरकार से अनुमति ली जाएगी, जबकि अन्य मामलों को न्यायालय में लोक अभियोजन अधिकारी के माध्यम से वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

14 कानूनों में संशोधन की तैयारी

कैबिनेट ने राज्य में लागू विभिन्न पुराने कानूनों को समयानुसार सुधारने का फैसला लिया है। इसके तहत छत्तीसगढ़ जन विश्वास प्रावधान संशोधन विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि कई छोटे मामलों में जुर्माना या सजा का प्रावधान होने से न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो जाती है, जिससे आम जनता और व्यवसाय दोनों प्रभावित होते हैं। इसलिए इन प्रावधानों को सरल व जनहितकारी बनाना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जो जन विश्वास विधेयक का दूसरा संस्करण ला रहा है।

अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक को भी मंजूरी

कैबिनेट ने आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए प्रथम अनुपूरक बजट को भी स्वीकृति दे दी है। यह अनुपूरक बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2025 को भी मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में सत्र के दौरान होने वाले वित्तीय और शासकीय कार्यों पर विचार-विमर्श भी किया गया।

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