दुनिया का सबसे बड़ा सेक्स स्कैंडल का पर्दाफाश, 92 तस्वीरें लीक; 6 लड़कियों से घिरे ट्रंप की तस्वीर ने मचाई हड़कंप, क्या है एपस्टीन के प्राइवेट आइलैंड की पूरी कहानी?

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Epstein Sex Scandal Files: अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन केस एक बार फिर पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहा है। ट्रम्प प्रशासन 19 दिसंबर को एपस्टीन से जुड़े दशकों पुराने सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने जा रहा है। इन रिकॉर्ड्स में ईमेल, तस्वीरें, कानूनी दस्तावेज़ और अन्य संवेदनशील फाइलें शामिल होंगी। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के अनुसार यह एक “बहुत बड़ा आर्काइव” है, जिसमें हजारों से लेकर लाखों पेज तक के दस्तावेज़ हो सकते हैं। इनका मकसद एपस्टीन के कथित सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क की पूरी सच्चाई को जनता के सामने लाना है। Epstein Files Release Countdown: जेफ्री एपस्टीन पर कई गंभीर आरोप…

Epstein Sex Scandal Files: अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन केस एक बार फिर पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहा है। ट्रम्प प्रशासन 19 दिसंबर को एपस्टीन से जुड़े दशकों पुराने सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने जा रहा है। इन रिकॉर्ड्स में ईमेल, तस्वीरें, कानूनी दस्तावेज़ और अन्य संवेदनशील फाइलें शामिल होंगी। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के अनुसार यह एक “बहुत बड़ा आर्काइव” है, जिसमें हजारों से लेकर लाखों पेज तक के दस्तावेज़ हो सकते हैं। इनका मकसद एपस्टीन के कथित सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क की पूरी सच्चाई को जनता के सामने लाना है।

Epstein Files Release Countdown: जेफ्री एपस्टीन पर कई गंभीर आरोप

Epstein Sex Scandal Files
Epstein Sex Scandal Files

जेफ्री एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और उन्हें प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाने के गंभीर आरोप थे। आरोप है कि इस नेटवर्क में दुनिया के कई ताकतवर राजनेता, उद्योगपति और सेलिब्रिटी शामिल थे। हालांकि अब तक किसी भी व्यक्ति को केवल तस्वीरों या दस्तावेज़ों के आधार पर दोषी साबित नहीं किया गया है, लेकिन इन खुलासों ने वैश्विक राजनीति और कॉरपोरेट जगत में हलचल मचा दी है।

Donald Trump Named in Epstein Case: 19 तस्वीरें लीक होने से मचा बवाल

इस प्रक्रिया की शुरुआत 12 दिसंबर को हुई, जब एपस्टीन की संपत्ति से जुड़ी 19 तस्वीरें सार्वजनिक की गईं। इन तस्वीरों में नौ बड़ी हस्तियों को एपस्टीन के साथ देखा गया है। इनमें मौजूदा और पूर्व अमेरिकी नेताओं से लेकर अरबपति और मशहूर हस्तियां शामिल हैं। इन नामों में डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स, ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू, ट्रम्प के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष लैरी समर्स, फिल्म निर्माता वुडी एलन, बिजनेसमैन रिचर्ड ब्रैनसन और मशहूर वकील एलन डर्शोविट्ज शामिल हैं। ये तस्वीरें किसी के खिलाफ सीधे अपराध साबित नहीं करतीं, लेकिन इनके कारण गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

देश से लेकर विदेशों में चर्चा तेज

भारत में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अब तक किसी भारतीय नागरिक, नेता या उद्योगपति का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। हालांकि भारतीय नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया है कि फाइलों में कुछ भारतीय मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों और मौजूदा सांसदों के नाम हो सकते हैं। अमेरिकी न्याय विभाग ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है, लेकिन चूंकि एपस्टीन के संबंध अमेरिका के बाहर के देशों से भी बताए जाते हैं, इसलिए पूरी दुनिया की नजर इन दस्तावेज़ों पर टिकी हुई है।

हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में बिल पास

इन फाइलों के सार्वजनिक होने का रास्ता अमेरिकी संसद से होकर निकला। पिछले महीने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों, हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स और सीनेट ने एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने वाला एक्ट भारी बहुमत से पास किया। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में यह बिल 427-1 के अंतर से पास हुआ, जबकि सीनेट ने इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी। संसद से पास होने के बाद यह बिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पास गया।

क्या है यह कानून?

कानूनी रूप से ट्रंप के पास इस बिल पर हस्ताक्षर न करने या वीटो लगाने का विकल्प था, लेकिन दोनों सदनों में मिले भारी समर्थन के कारण उनका वीटो भी प्रभावी नहीं होता। संसद दो-तिहाई बहुमत से उसे ओवरराइड कर सकती थी। इसी वजह से राष्ट्रपति ट्रम्प को 19 नवंबर को इस बिल पर हस्ताक्षर करने पड़े। कानून के मुताबिक, इसके बाद 30 दिनों के भीतर न्याय विभाग को एपस्टीन से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करनी थीं, जिसकी समय-सीमा 18 दिसंबर को पूरी हो रही है।

क्या है एपस्टीन केस की पूरी कहानी?

एपस्टीन केस की जड़ें साल 2005 में जाती हैं। फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि एपस्टीन ने उसकी बेटी को अपने आलीशान घर में ‘मसाज’ के बहाने बुलाया और वहां उस पर यौन संबंध बनाने का दबाव डाला। लड़की के घर लौटकर सच बताने के बाद उसके माता-पिता ने तुरंत पुलिस का दरवाजा खटखटाया। यह एपस्टीन के खिलाफ दर्ज पहली आधिकारिक शिकायत थी।

Donald Trump News: पुलिस ने घटना पर क्या कहा?

पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई अकेला मामला नहीं था। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर इसी तरह के आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महीनों तक जांच की और इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू हुई। जांच में पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में बेहद आलीशान विला थे, जहां वह हाई-प्रोफाइल पार्टियां आयोजित करता था। इन पार्टियों में राजनीति, बिजनेस और मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं।

एपस्टीन अपने निजी जेट, जिसे ‘लोलिता एक्सप्रेस’ कहा जाता था, से कम उम्र की लड़कियों को लाया करता था। उन पर पैसों, गहनों और धमकियों के जरिए दबाव डाला जाता था। इस पूरे नेटवर्क में उसकी गर्लफ्रेंड और सहयोगी गिस्लीन मैक्सवेल भी शामिल थी।

Epstein Sex Scandal Files: 2008 में सिर्फ 13 महीने की मिली थी सजा

बता दें कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद एपस्टीन को लंबे समय तक सख्त सजा नहीं मिली। उसके प्रभाव और रसूख के चलते 2008 में उसे केवल 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें उसे जेल से बाहर जाकर काम करने की भी अनुमति थी। यही वजह है कि आज, जब उसकी फाइलें सार्वजनिक होने जा रही हैं, पूरी दुनिया यह जानने को बेचैन है कि आखिर इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था और अब कौन से नए नाम सामने आएंगे।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।