भारत-इटली साझेदारी 2025-2029 योजना के अनुसार बढ़ रही: विदेश मंत्री एस जयशंकर

Summary :

नई दिल्ली में जयशंकर और तजानी की मुलाकात, सहयोग पर चर्चा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा, शिक्षा और तकनीक में सहयोग पर चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि भारत-इटली साझेदारी 2025-2029 योजना के अनुसार बढ़ रही है, जो वैश्विक विकास में अहम योगदान देगी।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को नई दिल्ली में इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी तथा इटली की यूनिवर्सिटी और रिसर्च मंत्री अन्ना मारिया बर्निनी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, समुद्री सहयोग, सुरक्षा, शिक्षा, तकनीक, शोध और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण और सकारात्मक बातचीत हुई।बातचीत के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत और इटली की साझेदारी लगातार विकसित हो रही है और यह दोनों देशों के नेताओं द्वारा तय किए गए संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 के अनुसार आगे बढ़ रही है। इस कार्य योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने नवंबर 2024 में रियो में की थी। जयशंकर ने भरोसा जताया कि भारत-इटली के बीच यह मजबूत होती साझेदारी भविष्य में वैश्विक विकास और स्थिरता में अहम योगदान देगी।

भारत में निवेश और निर्यात बढ़ाने के लिए तैयार: इटली के उप प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी

इस योजना का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना और ऐसे ठोस परिणाम हासिल करना है, जिनका लाभ दोनों देशों को मिल सके। इस दौरान जयशंकर ने यह भी बताया कि दोनों देशों के नेताओं ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित उद्योगों, वैज्ञानिक संस्थानों और उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर कारोबार, शोध, नवाचार और प्रतिभा के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाए।

इंडिया-इटली बिजनेस, साइंस एंड टेक्नोलॉजी फोरम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने समान सोच रखने वाले देशों के साथ मिलकर विश्वसनीय और मजबूत साझेदारी बनाने की दिशा में काम किया है। इसमें न सिर्फ आर्थिक हित बल्कि रणनीतिक प्राथमिकताएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इटली इस सूची में बहुत ऊपर है, क्योंकि ऊर्जा, परिवहन, खाद्य प्रसंस्करण और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के पास एक-दूसरे के पूरक संसाधन और क्षमताएं हैं।

जयशंकर ने कहा कि भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पश्चिम की ओर अपना प्रभाव बढ़ा रहा है और इटली भूमध्यसागर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सहयोग से आपसी फायदे के कई रास्ते खुल सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान शुरू हुई “इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर” (आईएमईसी) योजना, जिसे इटली में “कॉटन रोड” भी कहा जाता है, दुनिया के लिए एक नया आर्थिक और ऊर्जा-संचार मार्ग साबित हो सकती है।

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.