Iran-Israel Conflict: भारतीय दूतावास ने तेहरान से भारतीय छात्रों को निकाला

Summary :

तेहरान शहर से बाहर जाने की सलाह दी गई

ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के तेहरान खाली करने के निर्देश दिए गए है। तेहरान में मौजूद भारतीय छात्रों को शहर से बाहर निकाल चुका है। इसके साथ ही कुछ भारतीयों को आर्मेनिया की सीमा के माध्यम से ईरान छोड़ने में मदद की गई है। पिछले पांच दिनों से इजराइल-ईरान के बीच संघर्ष जारी है। दोनों देशों के बीच शत्रुता बढ़ती ही जा रही है। ईरान की ओर से इजरायल पर कई मिसाइलें दागी गई हैं

ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर भारतीय दूतावास, तेहरान में मौजूद भारतीय छात्रों को शहर से बाहर निकाल चुका है। इसके साथ ही अन्य लोग, जिनके पास खुद का ट्रांसपोर्ट है, उन्हें भी शहर से बाहर जाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही कुछ भारतीयों को आर्मेनिया की सीमा के माध्यम से ईरान छोड़ने में मदद की गई है। दूतावास हरसंभव सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से अपने लोगों के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है। भारत ने ईरान में अपने नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) से इलाके में बढ़ते तनाव के मद्देनजर तेहरान खाली करने को कहा है। इन लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने और दूतावास से संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है।

ईरान में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सभी भारतीय नागरिक और पीआईओ, जो अपने संसाधनों का उपयोग करके तेहरान से बाहर निकल सकते हैं, उन्हें शहर के बाहर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है। सभी भारतीय नागरिक, जो तेहरान में हैं और दूतावास के संपर्क में नहीं हैं, उनसे अनुरोध है कि वे तुरंत तेहरान में भारतीय दूतावास से संपर्क करें और अपना स्थान और कॉन्टैक्ट नंबर दें। कृपया +989010144557, +989128109115, +989128109109 पर संपर्क करें।

डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लास्ट वार्निंग, बोले- खाली करो तेहरान

पिछले पांच दिनों से इजराइल-ईरान के बीच संघर्ष जारी है। दोनों देशों के बीच शत्रुता बढ़ती ही जा रही है। ईरान की ओर से इजरायल पर कई मिसाइलें दागी गई हैं, जिससे हाइफा और उत्तरी इजरायल के दर्जनों शहरों और समुदायों के साथ-साथ कब्जे वाले गोलान हाइट्स में एयर रेड साइरन बजने लगे हैं। इसकी पुष्टि इजरायली सेना ने की है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी लोगों से तेहरान खाली करने को कह चुके हैं। ट्रंप ने मंगलवार को ‘ट्रुथ’ पर पोस्ट किया, “ईरान को उस समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहिए था, जिस पर हस्ताक्षर करने के लिए मैंने उन्हें कहा था। यह कितनी शर्म की बात है। यह मानव जीवन की बर्बादी है। सीधे शब्दों में कहें तो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। मैंने इसे बार-बार कहा है! सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए!”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी घोषणा की कि वह मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच स्थिति पर बारीकी से नजर रखने के लिए कनाडा में ग्रुप ऑफ 7 (G7) शिखर सम्मेलन की अपनी यात्रा को छोटा कर देंगे। कनाडा के रॉकीज में आयोजित शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “मुझे जल्द से जल्द वापस लौटना होगा। मुझे स्पष्ट कारणों से जल्दी वापस आना होगा।”

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