HIGHLIGHTS
- धनबाद में कानून-व्यवस्था चरमराई
- झारखंड हाईकोर्ट ने SSP को दो हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने का दिया निर्देश
- हाईकोर्ट ने SIT से पूछा- जमीन कब्जे के मामलों में अब तक क्या कार्रवाई की?
झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद जिले में लॉ एंड ऑर्डर की खराब स्थिति पर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने हाल के दिनों में धनबाद में घटी घटनाओं के मद्देनजर वहां के SSP को दो हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। जस्टिस एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने विधि-व्यवस्था को लेकर स्वतः संज्ञान वाले मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।
दरअसल, जून महीने में रांची में सुप्रीम कोर्ट के दिवंगत जस्टिस एमवाई इकबाल की जमीन की बाउंड्री को भू-माफिया द्वारा तोड़े जाने की घटना पर झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। गुरुवार को इसी मामले की सुनवाई के दौरान धनबाद की विधि-व्यवस्था पर भी सवाल उठा। कोर्ट ने झारखंड सरकार से पूछा है कि भू-माफियाओं द्वारा जमीन कब्जे के संबंधित मामलों में SIT ने अब तक क्या कार्रवाई की है? इस पर एक्शन टेकेन रिपोर्ट अदालत में पेश करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की गई है।
जस्टिस एमवाई इकबाल की रांची स्थित जमीन की बाउंड्री गिराकर उस पर कब्जे की कोशिश की घटना बीते 25 जून को हुई थी। भू माफियाओं ने जस्टिस इकबाल की विक्रांत चौक स्थित जमीन का बाउंड्री गिरा दी थी और उसे हड़पने की कोशिश की थी। इसे लेकर लोअर बाजार थाना में जमीन की देखरेख के लिए प्रतिनियुक्त हवलदार जैनुल अंसारी द्वारा FIR दर्ज कराई गई थी। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस घटना के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए SIT गठित की थी।


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