मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र से पहले कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से 10 सवाल पूछकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने राज्य पर बढ़ते कर्ज और परिवहन घोटाले पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
राज्य विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च सोमवार से शुरू हो गया है। नेता सिंघार ने सरकार से 10 सवाल पूछे हैं। उन्होंने यह सवाल सोशल मीडिया के जरिए पूछे हैं। उन्होंने राज्य में हुए परिवहन घोटाले को लेकर कहा, “परिवहन घोटाले पर क्यों चुप है सरकार? सौरभ शर्मा सिर्फ छोटी मछली हैं, बड़े मगरमच्छों पर कब होगी कार्रवाई? प्रदेश पर कर्ज 4 लाख करोड़ से ज्यादा का हो चुका है। इसका हिसाब कब दिया जाएगा? क्या सरकार कर्ज चुकाने के लिए और कर्ज ले रही है?”
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सदन की कार्यवाही का प्रसार न किए जाने पर कहा, “सदन की कार्यवाही का लाइव टेलीकास्ट क्यों नहीं किया जा रहा? क्या सरकार जनता से अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही है? बजट में दलित, आदिवासी और पिछड़े समुदाय के लिए क्या प्रावधान किए जाएंगे? क्या सरकार एक बार फिर उनके साथ छलावा करेगी?”
Gujarat में PM Modi ने Mukesh Ambani के साथ किया Vantara केंद्र का दौरा
किसानों और लाडली बहना को लेकर सिंघार ने पूछा है, "किसानों को एमएसपी की गारंटी कब मिलेगी? सरकार कब अन्नदाताओं को 3100 रुपये धान और 2700 रुपये गेहूं देगी? सरकार बताए कि बहनों के खाते में कब 3000 रुपये आएंगे?" प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में भर्तियां नहीं हो रही हैं। सरकार कब सभी रिक्त पदों पर भर्तियां कर युवाओं की चिंता करेगी?
नलजल योजना को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने पूछा है कि "गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है, नल जल योजना के काम अधूरे पड़े हैं। क्या सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कहीं पानी की समस्या उत्पन्न नहीं होगी?"
आधी आबादी महिलाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष का सवाल है कि "मध्य प्रदेश की आधी आबादी, यानी बालिकाओं और महिलाओं को घर से बाहर निकलते ही डर सताने लगता है। यह भय है – अपहरण, दुष्कर्म, दुष्कर्म के प्रयास और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं का। सरकार बताए कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर कब लगाम लगेगी?"
नेता प्रतिपक्ष ने भ्रष्टाचार को लेकर हमला बोला और कहा, "प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। सरकारी महकमों में बिना रिश्वत के काम नहीं हो रहे। गरीबों की सुनवाई नहीं हो रही। कब सरकार इस भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगी? कब अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी?"


Download Android App
Download iOS App



