Lucknow News: मां गंगा को लेकर दिए गए सपा प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयान पर सियासी माहौल गर्म हो गया है। इस मुद्दे पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं हैं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक हैं। सनातन परंपरा में उन्हें मोक्ष देने वाली और जीवन का आधार माने जाने वाली शक्ति के रूप में पूजा जाता है। ऐसे पवित्र विषयों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाना न केवल गलत है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का अनादर भी है।
Lucknow News: धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
डॉ. सिंह ने कहा कि इस तरह के बयान समाज की भावनाओं को आहत करते हैं और यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका मानना है कि धर्म और आस्था से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ बात की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की टिप्पणियां सनातन परंपराओं को कमजोर करने की मानसिकता को दर्शाती हैं, जो समाज के लिए ठीक नहीं है।
पहले भी उठे हैं ऐसे विवाद
विधायक ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की सोच सामने आई हो। उन्होंने दावा किया कि पहले भी कुछ राजनीतिक विचारधाराओं के तहत रामभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर विरोध देखा गया। अब उसी कड़ी में माँ गंगा की पवित्रता को लेकर बयानबाज़ी की जा रही है, जो लोगों को स्वीकार नहीं है।
समाज में विभाजन की आशंका
डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि माँ गंगा किसी भी तरह की राजनीति का विषय नहीं हो सकतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे बयान समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं। उनका कहना था कि यह केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं का अपमान है, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
लोगों से की एकजुटता की अपील
उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि लोग अपनी आस्था और परंपराओं के सम्मान के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं। उनका मानना है कि देश की जनता ऐसी राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हो। अंत में डॉ. सिंह ने कहा कि माँ गंगा का सम्मान बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस विषय को गंभीरता से लें और अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर की रक्षा के लिए आगे आएं।


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