Madhya Pradesh: Pithampur में जहरीला कचरा जलाने का काम शुरू

Summary :

भोपाल के यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर में जलाना शुरू

मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर के पड़ोसी जिले धार में स्थित पीथमपुर में भोपाल की यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाने का सिलसिला शुरू हो गया है।

भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में यह कार्य शुरू किया गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में यूनियन कार्बाइड भोपाल के अपशिष्ट का ट्रायल औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर के डिस्पोजल पीथमपुर इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के इन्सिनरेटर में शुरू किया गया।

यूनियन कार्बाइड का अपशिष्ट 12 सीलबंद कंटेनर्स में पीथमपुर लाया गया था, जिसमें पांच प्रकार के अपशिष्ट हैं। ट्रायल रन के लिए पांचों अपशिष्ट के एक-एक कंटेनर 27 फरवरी को जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम पीथमपुर, तहसीलदार पीथमपुर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक भोपाल, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में खोले गए तथा अपशिष्ट को पृथक-पृथक वेस्ट स्टोरेज शेड में रखा गया है। पांचों अपशिष्ट को मिलाकर कुल मात्रा 10 टन जलाई जाएगी।

बताया गया कि इन्सीनरेटर को 27 फरवरी रात 10 बजे से प्रारंभ किया गया है, जो लगभग 12 से 14 घंटे बिना अपशिष्ट के डाले ही चलाया गया है, ताकि प्राथमिक दहन कक्ष का तापमान 850 डिग्री सेंटीग्रेड एवं द्वितीयक दहन कक्ष का तापमान 1100 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक प्राप्त हो। डीजल से इन्सीनरेटर को चलाए जाने पर लगभग 500 से 600 लीटर प्रति घंटे डीजल की खपत आई है। निर्धारित तापमान प्राप्त होने पर शुक्रवार 28 फरवरी तीन बजे से यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट को जलाना शुरू किया गया है। बताया गया है कि 135 किलोग्राम प्रति घंटे की दर से अपशिष्ट की फीडिंग की जा रही है, जिसमें 4.5 किलोग्राम अपशिष्ट में 4.5 किलोग्राम चूना मिलाकर यानी नौ किलोग्राम के बैग बनाए गए तथा एक घंटे में 30 बैग इन्सीनरेटर के प्राथमिक दहन कक्ष में डाले जा रहे हैं।

इन्सीनरेटर के संचालन से उत्पन्न होने वाली फ्लू गैस के शोधन के लिए स्थापित व्यवस्थाएं सभी प्रभावी ढंग से संचालित हो रही हैं तथा चिमनी से हो रहे उत्सर्जन की लगातार जांच के लिए ऑनलाइन कंटीन्यूअस इमीशन मॉनीटरिंग सिस्टम संचालित है, जिसके द्वारा कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बन डाई ऑक्साइड, ऑक्सीजन, हाईड्रोजन फ्लोराइड, हाईड्रोजन क्लोराइड, पर्टिकुलेट मेटर, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन के ऑक्साइड, टोटल ऑर्गेनिक कार्बन की जांच की जा रही है तथा रिजल्ट मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर पर प्राप्त हो रहे हैं, जिनके रिजल्ट्स निर्धारित मात्रा पर पाए जा रहे हैं।

प्राथमिक दहन कक्ष का तापमान 800 से 900 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच तथा द्वितीयक दहन कक्ष का तापमान 1100 से 1200 डिग्री सेंटीग्रेड पाया जा रहा है। ऑनलाइन सिस्टम के डाटा इन्सीनरेटर परिसर के बाहर स्थित डिस्प्ले बोर्ड पर भी प्रदर्शित हो रहे हैं। इन्सीनरेटर का संचालन निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जा रहा है। रासायनिक कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले प्रशासनिक दल ने रामकी कंपनी का दौरा कर जायजा लिया। इसके साथ ही मौके पर भारी पुलिस बल की भी तैनाती की गई है।

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