Mahatma Gandhi Statue Stolen: ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर से एक दुखद और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर के बाहर लगी महात्मा गांधी की विशाल कांस्य प्रतिमा को अज्ञात लोगों ने चोरी कर ली है। यह प्रतिमा करीब 426 किलोग्राम वजनी थी और भारतीय समुदाय के लिए इसका गहरा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व था।
Mahatma Gandhi Statue Stolen: ICCR की ओर से भेंट की गई थी प्रतिमा
महात्मा गांधी की यह प्रतिमा भारत सरकार की संस्था इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (ICCR) द्वारा उपहार के रूप में दी गई थी। इसका उद्घाटन 12 नवंबर 2021 को ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने किया था। हालांकि, उद्घाटन के कुछ ही घंटों बाद इस पर तोड़फोड़ की गई थी, जिससे उस समय भी काफी नाराजगी देखने को मिली थी।

Gandhi Statue Australia: कैसे हुई प्रतिमा की चोरी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह चोरी सोमवार रात करीब 12:50 बजे हुई। मेलबर्न पुलिस ने बताया कि तीन लोगों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने एंगल ग्राइंडर मशीन की मदद से प्रतिमा को उसके मजबूत फाउंडेशन से काट दिया।
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि प्रतिमा को टखनों के पास से काटा गया है और मौके पर सिर्फ उसके पैर ही बचे हुए हैं। इतनी भारी प्रतिमा को ले जाना इस बात का संकेत है कि पूरी योजना पहले से बनाई गई थी।
Mahatma Gandhi Statue: जांच में जुटी पुलिस, स्क्रैप डीलरों को किया अलर्ट
विक्टोरिया पुलिस की नॉक्स क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने शहर के सभी स्क्रैप मेटल कारोबारियों को सतर्क कर दिया है ताकि अगर कोई व्यक्ति कांस्य प्रतिमा बेचने की कोशिश करे तो तुरंत सूचना दी जा सके। पुलिस का कहना है कि अब तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है, लेकिन मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम बनाई गई है।

CCTV में दिखे संदिग्ध लोग
ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य संतोष कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि घटना का कुछ हिस्सा बिल्डिंग में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है। उन्होंने कहा कि एक सफेद वैन में कुछ लोग आए थे, जिन्होंने चेहरे ढक रखे थे। संतोष कुमार ने दुख जताते हुए कहा कि एक महान राष्ट्रीय नेता की प्रतिमा का इस तरह चोरी होना बेहद पीड़ादायक है। सभी जानकारी पुलिस को सौंप दी गई है।

भारतीय समुदाय में गुस्सा और निराशा
इस घटना के बाद मेलबर्न में रहने वाले भारतीय समुदाय में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रतिमा नहीं थी, बल्कि शांति, सत्य और अहिंसा का प्रतीक थी। समुदाय के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ा जाए और प्रतिमा को वापस लाया जाए या नई प्रतिमा स्थापित की जाए।


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