Middle East War Update: मिडिल ईस्ट में जारी जंग पर 5 दिन के लिए अस्थायी रोक के बीच पाकिस्तान ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। दरअसल उसने कहा है कि यदि अमेरिका और ईरान चाहें तो वह दोनों देशों के बीच बातचीत की मेजबानी करने के लिए तैयार है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए कई देशों की सक्रियता बढ़ गई है।
Middle East War Update: पाकिस्तान ने की बातचीत की पेशकश
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने एक इंटरव्यू में कहा कि इस्लामाबाद हमेशा शांति के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर ईरान और इजरायल सहमत हों, तो पाकिस्तान वार्ता के लिए मंच उपलब्ध कराने को तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में संवाद और कूटनीति ही सबसे बेहतर रास्ता है। लगातार बातचीत से ही क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सकती है और टकराव को कम किया जा सकता है।
अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर अलग-अलग दावे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, दोनों पक्ष कई अहम मुद्दों पर सहमति के करीब हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल अगले कुछ दिनों तक ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर कोई हमला नहीं किया जाएगा।
हालांकि, ईरान ने इन दावों को पूरी तरह से नकार दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है और इस तरह की खबरें भ्रामक हैं। ईरान ने आरोप लगाया कि ऐसी खबरें जानबूझकर फैलाई जा रही हैं ताकि वैश्विक बाजारों, खासकर तेल बाजार को प्रभावित किया जा सके।
कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना पाकिस्तान
हाल के दिनों में पाकिस्तान की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में अहम होती दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति से बातचीत की। इसके अलावा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर चर्चा की। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी ईरान और तुर्किए के अपने समकक्षों से अलग-अलग बातचीत की है। इन संपर्कों से यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
इस्लामाबाद में संभावित बैठक की चर्चा
कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अमेरिका और ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच संभावित बैठक के लिए इस्लामाबाद को एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर संपर्क जारी हैं। यदि ऐसी कोई बैठक होती है, तो यह मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।


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