जानकारी के अनुसार प्रतीक यादव की मौत, 13 मई 2026, बुधवार सुबह हुई. पुलिस इस मामले की जांच के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ अपर्णा यादव के घर पहुंची. इस दौरान DCP विक्रांत वीर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. वहीं, CCTV कैमरे और फोन जब्त किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे मामले में अपडेट दिया जाएगा.
बता दें, प्रतीक यादव की बुधवार सुबह करीब 5 बजे अचानक तबीयत खराब हुई. आनन फानन में अस्पताल के डायरेक्टर को फोन किया गया, जिस पर अस्पताल से डॉक्टर उनके घर पहुंचे. उनकी स्थिति गंभीर पाई गई तो उन्हें उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई.
आनन फानन में उन्हें तड़के सुबह अस्पताल पहुंचाया गया, जांच के बाद उन्हें डॉक्टरों ने ब्रॉट डेड घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.
मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं

बता दें प्रतीक यादव की मौत की अभी पुष्टि नहीं नही हुई है. इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा की कार्रवाई की गई. सुबह 7:15 बजे शव अस्पताल से निकाला गया और करीब 7:30 बजे केजीएमयू की मोर्चरी पहुंचाया गया. सुबह 8:30 बजे पोस्टमार्टम शुरू हुआ, जो करीब 9:45 बजे समाप्त हुआ.
बता दें यह घटना पूरे प्रदेश के लिए हाई प्रोफाइल मामला है. खासकर राजनीतिक रसूखदार परिवार का मामला है. जानकारी के लिए बता दें, प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के मुखिया व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं.
अखिलेश यादव ने क्या कहा-

ऐसे में, अखिलेश यादव ने प्रतीक के निधन पर शोक व्यक्त किया और मामले की जांच कराई जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि परिवार जो फैसला करेगा उसी के अनुरूप काम किया जाएगा.
बता दें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रतीक के निधन पर शोक व्यक्त किया है. पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक तबीयत खराब होने पर प्रतीक को सुबह सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनकी मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है. सूत्रों के अनुसार प्रतीक की जब मौत हुई तब अपर्णा उत्तर प्रदेश से बाहर थीं लेकिन घटना की सूचना मिलने पर वह लखनऊ के लिए रवाना हो चुकी हैं.
यह भी पढ़ें – PM की अपील पर योगी सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश, मंत्रियों के काफिले में 50% कटौती, 2 दिन WFH…


Download Android App
Download iOS App




