Chardham Yatra की तैयारियां पूरी, 30 अप्रैल को खुलेंगे Yamunotri Dham

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यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को 11:55 बजे खुलेंगे

उत्तराखंड में इस साल की चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों से चल रही है। एक के बाद एक, चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां तय की जा रही हैं। हाल ही में उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि का ऐलान किया गया था और अब मां यमुना के मंदिर यमुनोत्री धाम के कपाट खोलने की तिथि भी घोषित कर दी गई है। यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर अक्षय तिथि के उपलक्ष्य में, यमुनोत्री धाम के कपाट 11:55 मिनट पर खोले जाएंगे। श्रद्धालु इस समय के बाद धाम में प्रवेश कर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। यमुनोत्री धाम के पुरोहितों द्वारा यह घोषणा गुरुवार को यमुना जयंती के मौके पर की गई। यमुनोत्री धाम में हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

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यमुनोत्री धाम के पुरोहित ने कहा कि आप सभी देश एवं प्रदेशवासियों को यमुना जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं। आज यमुना जी के जन्मोत्सव के शुभ पावन अवसर पर यमुना जी के ग्रीष्मकालीन कपाट खोलने का शुभ मुहूर्त तय किया गया है, जो कि सत्रहगते वैशाख अक्षय तृतीया शुक्ल पक्ष, 30 अप्रैल, बुधवार, रोहिणी नक्षत्र, शुभ योग, 11:55 पर समस्त श्रद्धालुओं हेतु महायमुना जी के कपाट विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे।

इस बार की यात्रा को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो। इससे पहले, केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की भी घोषणा की गई थी। केदारनाथ धाम की यात्रा 2 मई से शुरू होने वाली है। इससे पहले जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित टीमें यात्रा की तैयारियों में जुट गई हैं।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती ने बताया कि सड़क मार्ग से लेकर केदारनाथ के पैदल रास्तों को तेजी से ठीक किया जा रहा है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें पैदल मार्गों पर जमी मोटी बर्फ को हटाने में दिन-रात लगी हैं। पिछले साल आई आपदा से टूटे रास्तों की मरम्मत भी की जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो। बर्फबारी और आपदा के बाद रास्तों को सुरक्षित बनाना बड़ी चुनौती है। लेकिन, तैयारियां तेजी से चल रही हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए आते हैं। इस बार भी प्रशासन यात्रा को सफल बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। जैसे-जैसे कपाट खुलने की तारीख नजदीक आ रही है, तैयारियों में और तेजी लाई जा रही है

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