Rahm Emanuel on India: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की विदेश नीति पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अमेरिका के पूर्व राजदूत रेहम इमैनुएल (Rahm Emanuel) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की नीतियों की खुलकर आलोचना की है। उन्होंने खास तौर पर भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कई अहम सवाल उठाए हैं। एक इंटरव्यू के दौरान रहम इमैनुएल ने कहा कि ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका ने भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के बजाय कमजोर किया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि अगर वो सत्ता में आते हैं तो वह इन संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। उनके अनुसार पिछले 30 सालों में अमेरिका के हर राष्ट्रपति ने भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन ट्रंप की नीतियों ने इस दिशा में हुए काम को नुकसान पहुंचाया। इमैनुएल का मानना है कि भारत एक महत्वपूर्ण सहयोगी देश है और उसके साथ स्थिर और भरोसेमंद संबंध बनाए रखना अमेरिका के लिए जरूरी है।
Rahm Emanuel on India: सहयोगी देशों से बढ़ी दूरी

इमैनुएल ने यह भी दावा किया कि ट्रंप के रवैये और भाषा के कारण अमेरिका के कई पारंपरिक सहयोगी देश उससे दूरी बनाने लगे। उन्होंने कहा कि भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे अहम साझेदार देशों को भी ट्रंप की नीतियां असहज करती रही हैं। उनके मुताबिक, कूटनीति में संतुलन और सम्मान बेहद जरूरी होता है, लेकिन ट्रंप के कार्यकाल में यह संतुलन कई बार बिगड़ता नजर आया।
इमैनुएल के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब अमेरिका में आगामी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े इमैनुएल को संभावित उम्मीदवारों में भी देखा जा रहा है। खासतौर पर 2028 के चुनाव को लेकर उनके नाम की चर्चा हो रही है, इसलिए उनके बयान को राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
India US Relations: पाकिस्तान नीति पर भी सवाल
इमैनुएल ने ट्रंप प्रशासन की भारत-पाकिस्तान नीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर ट्रंप का झुकाव पाकिस्तान की ओर ज्यादा नजर आया, जो अमेरिका की दीर्घकालिक रणनीति के लिहाज से सही नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, अमेरिका को दक्षिण एशिया में संतुलित और स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए, जिसमें भारत की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए सैन्य तनाव का जिक्र करते हुए इमैनुएल ने कहा कि उस दौरान ट्रंप के कुछ बयान भारत के दृष्टिकोण के विपरीत थे। इससे नई दिल्ली में असहजता का माहौल बना। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में अमेरिका को अधिक सावधानी और समझदारी के साथ प्रतिक्रिया देनी चाहिए, ताकि उसके सहयोगी देशों का भरोसा बना रहे।
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