भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की धरती पर सफल वापसी के बाद उनके परिवार और उन्हें चाहने वालों में खुशी का माहौल है। अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उनके नाम पर एक सड़क के नामकरण की तैयारी की जा रही है। लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, “हमारे एक पार्षद रंजीत सिंह ने एक प्रस्ताव रखा था कि एक सड़क का नाम सुनीता विलियम्स के नाम पर रखा जाए। सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास हुआ है। भारतीयों ने पूरी दुनिया में हमारे तिरंगे को ऊंचा किया है। सुनीता विलियम्स भी भारतीय मूल की हैं। इससे पहले कल्पना चावला ने भारतीयों का नाम ऊंचा किया था। बहुत से लोग ऐसे हैं, उनमें से कोई भारत की बेटी है तो कोई भारत का बेटा है।”
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मेयर ने बताया कि सर्वसम्मति से सुनीता विलियम्स के नाम पर सड़क का नाम रखने का फैसला पास हुआ है। विकास नगर तिराहा से लेकर स्पोर्ट्स कॉलेज के बीच में इसरो का ऑफिस है, इस सड़क को हमने चुना है। इस फैसले के दो उद्देश्य हैं। पहला यह कि ऐसा करके हमने अपने देश की बेटी को सम्मान दिया है। यह देश का पहला नगर निगम है, जिसने अपने देश की बेटी को सम्मान दिया है।
दूसरा उद्देश्य है कि वर्तमान में सभी जानते हैं कि सुनीता विलियम्स ने क्या उपलब्धि हासिल की है, लेकिन भविष्य में बच्चे इसका पता लगाएंगे कि उन्होंने क्या किया था? वहीं, हम जैसे बुजुर्ग जब इस सड़क पर चलेंगे तो गर्व से कहेंगे कि हमारे देश की बेटी ने आज देश का नाम रौशन किया है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स नौ महीने अंतरिक्ष में फंसे रहने के बाद धरती पर लौटी हैं। वह अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर असामान्य रूप से लंबे समय तक रहने के बाद वापस आईं। सुनीता विलियम्स, जो इस साल सितंबर में 60 वर्ष की हुईं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध भारतीय मूल की दूसरी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं। उनसे पहले कल्पना चावला यह उपलब्धि हासिल कर चुकी थीं, लेकिन 2003 में कोलंबिया स्पेस शटल दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी।


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