Hormuz Strait पर ट्रंप का तंज: ‘हमें किसी मदद की जरूरत नहीं’, NATO को चेताया

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TRUMP ANGRY ON NATO OVER HORMUZ: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में यूरोपीय सहयोगियों के समर्थन नहीं मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने नाटो की आलोचना करते हुए कहा कि सहयोगी देश कार्रवाई का समर्थन तो करते हैं, लेकिन योगदान देने से पीछे हट जाते हैं। ओवल ऑफिस में आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ निर्णायक कदम उठाया और उसे किसी बाहरी मदद की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, “हमें ज्यादा मदद की जरूरत नहीं है, बल्कि किसी मदद की जरूरत…

TRUMP ANGRY ON NATO OVER HORMUZ: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में यूरोपीय सहयोगियों के समर्थन नहीं मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने नाटो की आलोचना करते हुए कहा कि सहयोगी देश कार्रवाई का समर्थन तो करते हैं, लेकिन योगदान देने से पीछे हट जाते हैं। ओवल ऑफिस में आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ निर्णायक कदम उठाया और उसे किसी बाहरी मदद की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, “हमें ज्यादा मदद की जरूरत नहीं है, बल्कि किसी मदद की जरूरत ही नहीं है, लेकिन उन्हें हमारे साथ होना चाहिए था।”

Trump बोले – NATO support सिर्फ दिखावा

ट्रंप ने कहा कि नाटो देशों ने सिद्धांत रूप में इस कार्रवाई का समर्थन किया, लेकिन व्यावहारिक रूप से कोई सहयोग नहीं दिया। उन्होंने इसे “मूर्खतापूर्ण” बताया। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसका रडार सिस्टम भी नष्ट हो गया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि इस अभियान का मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। ट्रंप के मुताबिक, “ईरान एक महीने के भीतर परमाणु हथियार बना सकता था और वह एक बड़ा खतरा था।”

Trump गुस्से में, यूरोपीय सहयोगियों पर आरोप

इस बीच, रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप यूरोपीय देशों के रवैये से बेहद नाराज़ हैं। उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें कभी इतना गुस्से में नहीं देखा।” ग्राहम ने यूरोपीय सहयोगियों पर होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में योगदान न देने का आरोप लगाया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी क्षेत्र में खतरे को रेखांकित करते हुए कहा कि अमेरिकी ठिकानों पर मिलिशिया हमले हो रहे हैं और ऐसे समूहों को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी है।

वहीं, आयरलैंड के प्रधानमंत्री मिशेल मार्टिन ने तनाव कम करने की कोशिश करते हुए अमेरिका और यूरोप के रिश्तों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि “दोनों पक्षों के बीच संबंध बेहद अहम हैं और हमें फिर से संतुलन बनाना होगा।” मार्टिन ने ईरान को खतरा बताते हुए भी कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।