सुनवाई के दौरान उमर खालिद की ओर से अदालत को बताया गया कि उनकी मां की सर्जरी निर्धारित है और परिवार को उनकी मौजूदगी की आवश्यकता है. साथ ही परिवार में आयोजित चहलुम रस्म में शामिल होने की अनुमति भी मांगी गई थी.
उमर खालिद की जमानत को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है. जानकारी के लिए बता दें पिछले साल दिसंबर महीने में उमर खालिद को कुछ शर्तों के साथ 14 दिन की जमानत दी गई थी. उस समय उनकी बहन की शादी थी. उन्हें 14 दिसंबर से 29 दिसंबर तक जमानत दी गई थी.
क्या है मामला

बता दें, जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद 13 सितंबर 2020 से जेल में बंद हैं. उन्हें फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़ी कथित साजिश और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया था. उनकी जमानत याचिकाएं निचली अदालत से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक कई बार खारिज हो चुकी हैं.
दिल्ली दंगों को भड़काने आरोप
बता दें, उमर खालिद का पूरा मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़ी एक कथित साजिश और भड़काऊ भाषणों से जुड़ा है. जेएनयू के पूर्व छात्र व कार्यकर्ता उमर खालिद पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़काई. इस दौरान उन पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप हैं. उन्हें दिल्ली पुलिस ने सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया था और वह तब से ही तिहाड़ जेल में बंद हैं.
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