जम्मू-कश्मीर : एसएसपी रामबन का ‘नशामुक्त अभियान’ को मजबूत बनाने का आह्वान

Summary :

रामबन, 22 मई (आईएएनएस)। रामबन जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अरुण गुप्ता ने नील क्षेत्र में ‘थाना दिवस’ का आयोजन करते हुए नशे के खिलाफ जिला प्रशासन के 100-दिवसीय ‘नशा मुक्त अभियान’ को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम पीपी नील के अधिकार क्षेत्र में आने वाले नीलबटू में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसडीपीओ बनिहाल सुरिंदर सिंह, डिप्टी एसपी ऑपरेशन मनीषा, प्रोबेशनरी डिप्टी एसपी आसिम, नायब तहसीलदार रामसू, इंस्पेक्टर फरीद अहमद (एसएचओ रामसू) समेत कई सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जन प्रतिनिधि, पूर्व डीडीसी सदस्य, सरपंच, पंच, गांव के मुखिया, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, पूर्व…

रामबन, 22 मई (आईएएनएस)। रामबन जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अरुण गुप्ता ने नील क्षेत्र में ‘थाना दिवस’ का आयोजन करते हुए नशे के खिलाफ जिला प्रशासन के 100-दिवसीय ‘नशा मुक्त अभियान’ को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम पीपी नील के अधिकार क्षेत्र में आने वाले नीलबटू में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में एसडीपीओ बनिहाल सुरिंदर सिंह, डिप्टी एसपी ऑपरेशन मनीषा, प्रोबेशनरी डिप्टी एसपी आसिम, नायब तहसीलदार रामसू, इंस्पेक्टर फरीद अहमद (एसएचओ रामसू) समेत कई सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जन प्रतिनिधि, पूर्व डीडीसी सदस्य, सरपंच, पंच, गांव के मुखिया, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, पूर्व सैनिक, धार्मिक नेता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक (महिलाओं सहित) भी शामिल हुए।

थाना दिवस के दौरान एसएसपी अरुण गुप्ता ने जनता की समस्याएं सुनीं और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से खास अपील की कि वे चल रहे नशामुक्त अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। एसएसपी ने कहा कि नशीले पदार्थों के सिंडिकेट और उन्हें पनाह देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए लोग पुलिस को जानकारी दें।

एसएसपी ने युवाओं को संबोधित करते हुए नशे की लत से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने नशे के आदी व्यक्तियों को जिला पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने की अपील की। साथ ही ‘मानस हेल्पलाइन नंबर 1933’ के बारे में जागरूकता फैलाई। कार्यक्रम में लोगों को ईआरएसएस इमरजेंसी नंबर 112, साइबर क्राइम से बचाव और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इसके अलावा ‘राह वीर’ योजना और दुर्घटना के बाद के ‘गोल्डन आवर’ के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उपस्थित लोगों को सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और सांप्रदायिक सामग्री पोस्ट करने से बचने की सलाह दी गई। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा में हर नागरिक की भूमिका पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान नील की ‘शांति समिति’ के सदस्यों के साथ अलग बैठक की गई, जिसमें शांति बनाए रखने और संकट की स्थिति में उनकी जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई। दौरे का समापन कनिहाल और लुरू क्षेत्र के वीडीजी (विलेज डिफेंस ग्रुप) सदस्यों के साथ ब्रीफिंग सत्र के साथ हुआ। एसएसपी ने उन्हें वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक किया।

एसएसपी अरुण गुप्ता ने कहा कि जनता और पुलिस के सामूहिक प्रयास से ही जिले को नशा मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे थाना दिवस नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।

–आईएएनएस

एससीएच/पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.