US Seized Russian Oil Tanker: वेनेजुएला के साथ अमेरिका के बढ़ते तनाव के बाद अब रूस और अमेरिका के बीच भी तनाव बढ गया है। बता दें कि अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक सागर में रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर, एम/वी बेला 1 को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई अमेरिकी तटरक्षक युद्धपोत द्वारा हफ्तों तक पीछा करने के बाद की गई, जब टैंकर वेनेजुएला के पास प्रतिबंधित तेल टैंकरों की अमेरिकी नाकाबंदी से दो सप्ताह से अधिक समय तक बच निकला था।
बताया गया कि अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में एम/वी बेला । को जब्त किया गया और यूएससीजीसी मुनरो द्वारा ट्रैक किए जाने के बाद अमेरिकी संघीय अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर उत्तरी अटलांटिक में इस पोत को जब्त किया गया।
US Seized Russian Oil Tanker

वहीं अमेरिकी सैन्य बलों द्वारा रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर को जब्त किए जाने के बाद, रूस ने अमेरिका की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी भी देश को किसी अन्य राज्य के अधिकार क्षेत्र के तहत कानूनी रूप से पंजीकृत जहाजों के खिलाफ बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है। रूस के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि टैंकर मेरिनेरा, जिसका मूल नाम बेला । था, को रूसी और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार 24 दिसंबर, 2025 को रूसी संघ के ध्वज के तहत चलने की अस्थायी अनुमति प्राप्त हुई थी। अमेरिकी नौसेना बलों ने अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के बाहर पोत पर कब्जा कर लिया, जिसके बाद पोत से संपर्क टूट गया।
US Russia Tension
रूसी मंत्रालय ने 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में लागू होती है और किसी भी राज्य को किसी अन्य देश के अधिकार क्षेत्र में विधिवत पंजीकृत जहाजों के खिलाफ बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है। बता दें कि यह जहाज वेनेजुएला में डॉक करने और तेल लोड करने में विफल रहा। जहाज खाली था, फिर भी अमेरिकी तटरक्षक बल ने दुनिया भर में अवैध तेल की तस्करी करने वाले टैंकरों के बेड़े पर नकेल कसने के उद्देश्य से अटलांटिक महासागर में उसका 1 हफ्ते तक पीछा किया, जिसमें रूस द्वारा बेचा जाने वाला काला बाजार का तेल भी शामिल है।
UK Provides Support To U.S

अमेरिका और रूस के बीच बढ़ते तनाव में अब ब्रिटेन की भी एंट्री हो गई है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने जानकारी देते हुए बताया कि रूस के तेल टैंकर को जब्त करने में ब्रिटेन ने भी मदद की थी और ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करके टैंकर को सीज किया गया है। वहीं यह भी बताया कि टैंकर में ब्रिटिश की सेना नहीं चढ़ी थी सिर्फ रॉयल एयर फोर्स के संसाधनों को तैनात करने और सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किया गया था। रूसी तेल टैंकर सीज करने के बाद अब तनाव औऱ अधिक बढ़ गया है।
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