उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू हुआ। लेकिन, पहले ही दिन संसदीय कार्यमंत्री और कांग्रेस विधायक के बीच तीखी नोक-झोंक हो गई। संसदीय कार्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक पर शराब पीकर सदन में आने का आरोप लगाया। इस पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को किसी से सलाह लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने मंत्री के बयान की निंदा की और कहा कि वह सदन में इसका विरोध करेंगे। साथ ही, यदि जरूरी हुआ तो वे कानूनी सलाह भी लेंगे।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने पत्रकारों से बातचीत में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें हमारे विधायकों को सीख देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने हिदायत दी कि सत्तापक्ष को अपना व्यवहार भी देखना चाहिए। उन्हें अपने व्यवहार को लेकर भी आत्मचिंतन करना चाहिए। अगर सत्तापक्ष अपने व्यवहार को लेकर आत्मचिंतन करेगा, तो निश्चित तौर पर उसे अपनी गलती का एहसास खुद ब खुद हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर जिस तरह का आरोप लगाया जा रहा है, वो गंभीर है। निश्चित तौर पर जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं, उसे लेकर हम आने वाले दिनों में विधिक राय भी लेंगे।उन्होंने कहा कि हमने मान लिया कि सदन में भाजपा के पास प्रचंड बहुमत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं हो जाता है कि वो हमारी पार्टी के विधायकों पर अनर्गल आरोप लगाने पर आमादा हो जाएंगे। अगर इन आरोपों में किसी भी प्रकार की सच्चाई है, तो उसे भी सामने आना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किस आधार पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों का कोई आधार नहीं है। यह आरोप निश्चित तौर पर हमारे विधायकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। कांग्रेस के सभी विधायक इस आरोप की भत्सर्ना करते हैं।


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