उत्तराखंड SC/ST छात्रवृत्ति घोटाला: ED ने तीन के खिलाफ शिकायत दर्ज की

Summary :

दीन दयाल ट्रस्ट पर 1.97 करोड़ के घोटाले का आरोप

उत्तराखंड में 1.97 करोड़ रुपए के एससी/एसटी छात्रवृत्ति घोटाले में ईडी ने देहरादून की अदालत में दीन दयाल शर्मा एजुकेशनल ट्रस्ट और उसके दो ट्रस्टियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। आरोप है कि ट्रस्ट ने वंचित छात्रों के लिए प्राप्त धनराशि का दुरुपयोग किया, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ।

उत्तराखंड के 1.97 करोड़ रुपए के एससी/एसटी छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देहरादून की एक अदालत में दीन दयाल शर्मा एजुकेशनल ट्रस्ट और उसके दो ट्रस्टियों के खिलाफ शिकायत दायर की। सोमवार को एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि शिकायत में ट्रस्टी विवेक शर्मा और अंकुर शर्मा के नाम शामिल किए गए हैं। उन पर ट्रस्ट द्वारा संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, रुड़की के वंचित छात्रों के लिए प्राप्त छात्रवृत्ति राशि के कथित धन शोधन का आरोप है। ईडी की शिकायत में कहा गया कि संस्थान ने एससी/एसटी छात्रों के बीच वितरण के लिए समाज कल्याण विभाग, हरिद्वार से प्राप्त धनराशि का कथित रूप से दुरुपयोग किया है। जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि संस्थान ने 2013-14 और 2016-17 के बीच धोखाधड़ी से छात्रवृत्ति राशि प्राप्त की थी। ईडी ने धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित दंडात्मक प्रावधानों के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर अपनी जांच शुरू की।

ईडी ने एक बयान में कहा कि संस्था ने एससी/एसटी छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति हासिल करने के लिए फर्जी दावे किए और धनराशि हड़प ली। केंद्रीय एजेंसी की ओर से 11 जून को अदालत में दायर अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि दीन दयाल शर्मा एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, रुड़की ने अपने ट्रस्टियों के माध्यम से गलत तरीके से खुद को लाभ पहुंचाकर सरकारी खजाने को 1.97 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया।

ईडी की जांच में यह पता चला कि जिला समाज कल्याण कार्यालय के अधिकारियों की सक्रिय सहायता से संस्था द्वारा अर्जित अपराध की आय को या तो ट्रस्ट के बैंक खातों में या कॉलेज के अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया गया और ट्रस्ट के खर्चों के लिए उपयोग किया गया तथा नकद निकाल लिया गया।

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इससे पहले, ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत ट्रस्टी विवेक शर्मा और अंकुर शर्मा की 1.97 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की थी।

News Desk

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