What is Area 51 : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने आप में एक मिस्ट्री बन चुके हैं, वे हर दिन विश्व पटल पर सुर्खियों में रहते हैं, इसका कारण उनके वे दावे हैं जो आज तक कोई डिकोड नहीं कर पाया है। हालिया दावे के विवाद के केंद्र में एलियन, जी हां आप सही सुन रहे हैं, एलियन। क्या है यह पूरा मामला?
दरअसल, 19 फरवरी को डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर गोपनीय सूचनाएं उजागर करने का आरोप लगाया, ट्रम्प ने कहा कि ‘ओबामा ने एलियन की उपस्थिति स्वीकार कर बड़ी गलती कर दी है।’
मामला ओबामा के उस पॉडकास्ट का है जो उन्होंने शनिवार को ब्रायन टायलर कोहेन के साथ दिया और कहा, ‘एलियंस असली हैं, लेकिन उन्हें ‘एरिया 51’ जैसी किसी जगह पर छिपाकर नहीं रखा गया है। ट्रम्प ने इसी पर आपत्ति जताते कहा कि यह गोपनीय जानकारी थी इसे नहीं कहना चाहिए था।
ट्रंप ने जॉर्जिया जाते वक्त एयरफोर्स वन पर संवाददाताओं से कहा कि वह युद्ध सचिव और अन्य एजेंसियों को एलियंस, यूएफओ (UFO) और अज्ञात हवाई घटनाओं (UAP) से सभी सरकारी फाइलों को पहचानने और उन्हें जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश देंगे. उन्होंने कहा कि यह कदम जनता के एलियन पर जा रही रूचि को देखते हुए उठाया गया है।
अब इस चलते एक बात जो पूरी दुनिया में बहस का केंद्र बन गई और एक नाम जो सबके जहन में फिर से आने लगा वह था एरिया 51? यह एरिया 51 आखिर है क्या? यह इतना रहस्यमयी क्यों है? क्या एलियन को यहां छुपाया हुआ है? क्या अमेरिका उससे इसी जगह से संपर्क करती है?
What is Area 51 : क्या है एरिया 51, जो बना है रहस्य

एरिया 51, जिसे आधिकारिक तौर पर “होमीबेस” या “ग्रूम लेक फैसिलिटी” कहा जाता है, नेल्लिस एयर फोर्स रेंज का हिस्सा है। यह लास वेगास से करीब 130 किमी उत्तर-पश्चिम में ग्रूम झील (एक सूखा नमक तालाब) पर बनी है। 1955 में CIA और लॉकहीड (अब लॉकहीड मार्टिन) ने इसे चुना था। क्यों? क्योंकि यहां कोई आबादी नहीं, रडार से दूर, और जमीन सपाट थी। इसे परफेक्ट विमान टेस्टिंग के लिए चुना गया था।
दिलचस्प यह कि आज 2026 में भी यह सक्रिय है, जहां ड्रोन, स्टील्थ जेट्स और मिसाइल सिस्टम टेस्ट होते हैं। इस बेस का क्षेत्रफल 6000 वर्ग मील से ज्यादा है, लेकिन असली काम 100 वर्ग मील में होता है। जिसे गुप्त रखा गया है।
Area 51 Reality : कहां से शुरू हुई इसकी कहानी

एरिया 51 की कहानी शीत युद्ध से शुरू होती है।1955 का वह समय जब शीत युद्ध अपने पीक पर था, एक तरह अमेरिका तो दूसरी तरफ USSR. हर कोई दूसरे से इस जासूसी एर में जीत लेना चाहता था।
इस जगह का निर्माण उसी दौरान हुआ, क्योंकि दुनिया दो ध्रुवीय ताकतों में बंटी हुई थी और अमेरिका और USSR इस ताकत की लड़ाई को जीतने के लिए जासूसी, गुप्त तकनीकों, सेंसर, गुप्त जगहों का सहारा ले रहे थे, उन्ही में से एक एरिया 51 भी था जिसका निर्माण अमेरिका ने किया था।
Area 51 News : क्यों बनी रहस्यमयी जगह

एरिया 51 की मिस्ट्री चार मुख्य कारणों से है
1. अति गोपनीयता : एरिया 51 को बहुत गोपनीय रखा गया है। यह सरकारी नक्शों पर प्रतिबंधित एरिया है। यहां कोई साइनबोर्ड नहीं, सिर्फ “डेडली फोर्स अथॉराइज्ड” है। कैमरों, मोशन सेंसर, गार्ड डॉग्स और “कैमो ड्यूड्स” (सादे कपड़ों वाले एजेंट) की 24/7 निगरानी। जानकारी है कि इस जगह पर किसी अनजान के दिखने पर सीधे गोली मारने का आदेश यही। उड़ान प्रतिबंधित (R-4808N), पायलट इसे “द बॉक्स” कहते हैं। पर्यावरण केस में भी “स्टेट सीक्रेट्स” क्लॉज से बच निकला है।
2. UFO गलतफहमियां: U-2 की चमकदार उड़ानें 1950-60 के दशक में UFO होने के रिपोर्ट्स का 50% कारण बनीं। CIA ने इन रिपोर्ट को और बढ़ने दिया जिससे “वेदर बैलून”, शक बढ़ा। इसके बाद F-117 की अजीब शेप ने इसे और हवा डी।
3. बॉब लाजर कांड : 1989 में बाब लाजर नाम के एक शख्स ने एलियन थ्योरी को और भी हवा दे दी थी जब उन्होंने कहा S-4 (पापस माउंटेन के पास) में 9 एलियन शिप हैं। इसके अलावा भी उन्होंने कई दावे किए जो भ्रामक थे। जिसमें उन्होंने बताया कि वे अमेरिकी सरकार की एक गुप्त परियोजना का हिस्सा थे, जो अलौकिक प्रौद्योगिकी की रिवर्स इंजीनियरिंग से संबंधित थी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने सरकारी दस्तावेज़ पढ़े हैं जिनमें पिछले 10,000 वर्षों में मानव जीवन में अलौकिक शक्तियों की भूमिका का वर्णन है। स्वयं को भौतिक विज्ञानी बताने वाले लाज़र ने कथित तौर पर अमेरिकी वायु सेना के उस गुप्त केंद्र के पास काम किया, जिसे एरिया 51 के नाम से जाना जाता है। उनके अनुसार, एलियंस किसी के दिमाग को पढ़ सकते हैं ,उन्होंने यह भी बताया की वे 9 एलियंस के साथ भी काम कर चुके है, जब किसी ने उसकी बातों पर विश्वास करने से इनकार कर दिया, तो उन्होंने एक एलियन को
एरिया 51 में एलियन : नेवादा में स्थित ‘एरिया 51’ के बारे में कई तरह की बातें कही जाती हैं इसमें एक यह है कि उस जगह पर एलियंस के शव और क्रैश हुए स्पेसशिप रखे गए हैं, हालांकि 2013 के CIA दस्तावेजों के मुताबिक यह सिर्फ टॉप सीक्रेट जासूसी विमानों का एक उपक्रम है।
Do Aliens Exist? : एलियन से नहीं कोई संपर्क
बेशक, वैज्ञानिक एलियन लाइफ मानते हैं, ब्रह्मांड में 2 ट्रिलियन गैलेक्सी हैं उस आधार पर वे इसके होने की संभावना जताते हैं। हालांकि अभी तक एलियन होने के प्रमाण नहीं पाए गए हैं, पेंटागन की रिसर्च के अनुसार इस तरह की समझ आने वाली अभी बातें और चीजें भ्रामक और सामान्य हैं। उसके बावजूद ट्रम्प ने इसे सार्वजनिक किए जाने का वादा किया है।
हालांकि पॉडकास्ट में मचे बवाल के बाद ओबामा ने इंस्टाग्राम पर कहा कि एलियन ने हमसे कोई संपर्क नहीं किया है, हालांकि वे ब्रह्मांड की विशालता को देखते हुए एलियन होने की आशंका को मानते हैं।


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