Leena Nair Success Story : एक महिला के लिए अपनी खुद की पहचान बनाना कभी आसान नहीं रहा है, खासकर ऐसी फील्ड में जो आउट औफ द बौक्स हो। यानि ऐसी फील्ड जिसके लिए समाज इजाजत न देता हो। वो समाज जो पुरुषों के इशारों पर चलता हो।
पर समय समय पर ऐसी महिलाएं वो कारनामा कर जाती हैं जो पैरों में बंधी अपनी जंजीरों को तो तोड़ती ही हैं साथ में लाखों महिलाओं के लिए भी प्रेरणा की स्रोत बन जाती हैं, ऐसा ही एक नाम लीना नायर का है जिन्होंने महाराष्ट्र के कोल्हापूर से अपना सफर शुरू किया और आज अंतर्राष्ट्रीय कॉर्पोरेट दुनिया में बड़ा नाम बन चुकी हैं। वह फ्रेंच लग्जरी फैशन हाउस ‘chenel’ की CEO हैं।
आप सोच सकते हैं, लीना ने यह नाम उस फील्ड में बनाया है जहां वर्षों से पुरुषों का दबदबा रहा है. दशकों से इन कंपनियों ने अपना ग्राहक तो महिलाओं को बनाया पर उनके शीर्ष पदों पर पुरुषों को बैठाया। यूरोपीय गढ़ जहां कभी व्हाइट सुप्रिमेसी का बोलबाला था और अश्वेतों को गुलाम समझा जाता था वहां, इस इंडस्ट्री के सबसे मशहूर ब्रांड में से एक ‘Chenel’ के शिखर पर ताजपोश हैं।
हालांकि उनकी यह जर्नी इतनी आसान नहीं रही। लीना नायर का जन्म 11 जून, 1969 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक हिंदू मलयाली परिवार में हुआ था। वह होली क्रॉस कॉन्वेंट हाई स्कूल, कोल्हापुर से ग्रेजुएट होने वाली पहली महिला छात्राओं में से एक थीं। सोचिए यह वो समय था जब लड़कियों की पढ़ाई फ़ॉर्मेलिटी के नजरिए से कारवाई जाती थी, परिवार के लिए कोई लड़की पढ़ी लिखी हो इसका मतलब रोजमर्रा के हिसाब लगा लेना बस था। कैरियर कभी जहन में होता ही नहीं था, मगर लीना के परिवार के मामले में ऐसा नहीं था।
Leena Nair Success Story : परिवार की पहली सबसे ज्यादा पढ़ी महिला

लीना नायर अपने परिवार में हाइयर एजुकेशन प्राप्त करने वाली पहली महिला बनीं। उन्होंने वालचंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, सांगली (महाराष्ट्र) से इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार (ई एंड टीसी) इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर, उन्होंने जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए की डिग्री प्राप्त की वो भी स्वर्ण पदक के साथ।यह उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था क्योंकि उस समय उनके आसपास की लड़कियों के इतने ऊंचे सपने नहीं हुआ करते थे, और होते भी थे तो व्यक्त बेवक्त उन्हे पारिवारिक दबाव के चलते दफना दिया जाता था।
जिस समय देश ग्लोबलाइज के दौर से गुजर रहा था, हमारे देश के दरवाजे बाहरी निवेश के लिए खुल रहे थे और देश अपना नए पड़ाव की तरफ कदम बढ़ा रहा था उस समय लीना भी अपने सपनों को नई उड़ान देने की ठान चुकी थीं।
CEO of Chanel : कैरियर के सधे कदम

आज लीना को सभी जानते हैं कि वे मशहूर ब्रांड के शीर्ष पद पर हैं पर उनके कैरियर की शुरुआत फैक्ट्रियों के खटपट से शुरू हुई। लिना ने फैक्टरियों में काम किया, कोलकाता, तमिलनाडु और महाराष्ट्र की यूनिलीवर फैक्टरियों में खुद की जगह बनाई, वो हिंदुस्तान यूनिलीवर की फैक्टरी में पहली महिला थीं. इतना ही नहीं वह पहली बार नाइट शिफ्ट भी करने वाली भी महिला थीं. नाइट शिफ्ट आज कितना नॉर्मल है सोचना पर क्या सच में आज भी घर वाले इसकी इजाजत दे देते हैं? नहीं, पर सोचिए कोल्हापूर की एक लड़की देश के शहरों में अकेले अपने कैरियर को आकार दे रही थी।
Who is Leena Nair? : फैक्ट्रियों में भी किया काम
उन्होंने इन फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन, शॉप फ्लोर और लोगों को मैनेज करना सीखा. धीरे-धीरे तरक्की हुईं, 1996 में एम्प्लॉयी रिलेशंस मैनेजर बनीं, 2000 में एचआर मैनेजर बन गईं. 2007 में हिंदुस्तान यूनिलीवर की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एचआर बनीं, कंपनी के मैनेजमेंट कमिटी में शामिल होने वाली पहली सबसे युवा महिला बनीं. उन्होंने डाइवर्सिटी और इंक्लूजन पर बहुत काम किया, महिलाओं के लिए दरवाजे खोले और कंपनी में जेंडर बैलेंस बेहतर किया. 2016 में वो यूनिलीवर की ग्लोबल चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर बनीं, कंपनी की पहली महिला, पहली एशियन और सबसे युवा सीएचआरओ.
लग्जरी ब्रांड तक का सफर

आज जब यूनिलिवर को लेकर बात चलती है और महिलाओं को इससे जोड़ कर देखा जाता है तो लीना का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जाता है। उन्होंने 30 साल तक यूनिलीवर में काम किया और ग्लोबल लीडरशिप में 50/50 जेंडर बैलेंस हासिल करने में बड़ी भूमिका निभाई. फिर दिसंबर 2021 में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट आया. Chanel के चेयरपर्सन अलैन वर्थीमर ने उन्हें ग्लोबल सीईओ बनाने का फैसला किया. फैशन इंडस्ट्री में उनका कोई अनुभव नहीं था लेकिन उनकी लीडरशिप और रेपुटेशन की वजह से ये फैसला हुआ. जनवरी 2022 से वो चैनल की सीईओ हैं. वो चैनल की पहली महिला सीईओ, पहली भारतीय ओरिजिन वाली और एक महिला ऑफ कलर हैं जो किसी बड़े लग्जरी ब्रांड की लीडर बनीं. आज वह फ्रेंच लग्जरी कंपनी ‘chenel’ को संभाल रही है जिसकी ब्रांड वैल्यू 3 लाख 24 करोड़ रुपए है।
आज लीना कई महिलाओं के लिए प्रेरणा का काम कर रही हैं, उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से बुलंदी छू हैं, यही कारण यही कि वह विदेश में भी भारत का मान बढ़ा रही हैं।
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