महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने नितेश राणे के मदरसे में देश विरोधी शिक्षा दिए जाने के आरोप पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “केंद्र और राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, तो जांच कौन करेगा? क्या कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस को ये जिम्मेदारी दी जाएगी? भाजपा क्यों नहीं कर रही जांच?”
दानवे ने कहा कि “केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है, तो जांच उनकी जिम्मेदारी है। क्या कांग्रेस या एनसीपी को जांच करनी चाहिए? सरकार उनकी है, उन्हें ही कार्रवाई करनी चाहिए।”
कोंकण में शिवसेना ने शिवसेना यूबीटी को बड़ा झटका दिया है। पूर्व विधायक राजेंद्र सालवी को पार्टी में शामिल किया जा रहा है।
इस पर अंबादास दानवे ने कहा, “राजेंद्र सालवी अच्छे व्यक्ति हैं, लेकिन जिस पार्टी ने उन्हें बड़ा किया, उसे छोड़ना गलत है। वे रत्नागिरी विधानसभा के विधायक थे, उनका प्रभाव क्षेत्र में असर पड़ेगा।”
बता दें कि नितेश राणे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा था। अपने पत्र में उन्होंने प्रदेश के सभी मदरसों की जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि प्रदेश के सभी मदरसों की जांच गृह विभाग से करानी चाहिए।
नितेश राणे ने आरोप लगाया था कि इन मदरसों में देश विरोधी शिक्षाएं दी जाती हैं, जिसकी गंभीरता को देखते हुए सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए।
वहीं, भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय का भी नितेश राणे के इस पत्र पर प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैं नितेश राणे के बयान का पूरी तरह से समर्थन नहीं करता हूं। इस देश में कई ऐसे मदरसे हैं, जो बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि कई ऐसे मदरसे हैं, जहां पर देश विरोधी शिक्षाएं देने के प्रमाण भी मिले हैं।


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