‘Hantavirus के बढ़ सकते हैं मामले…’, WHO से जारी किया अलर्ट

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WHO Issues Alert on Hantavirus: अटलांटिक महासागर में यात्रा कर रहे क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर फैले हंतावायरस संक्रमण ने दुनिया भर के स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। इस जहाज से जुड़े अब तक कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें तीन यात्रियों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने साफ किया है कि यह स्थिति कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी बनने की संभावना नहीं रखती। गुरुवार को WHO ने बताया कि हंतावायरस के कुछ और मामले सामने आ सकते हैं, क्योंकि इस वायरस की ऊष्मायन पीरियड काफी लंबा होता है। इसके बावजूद संगठन…

WHO Issues Alert on Hantavirus: अटलांटिक महासागर में यात्रा कर रहे क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर फैले हंतावायरस संक्रमण ने दुनिया भर के स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। इस जहाज से जुड़े अब तक कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें तीन यात्रियों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने साफ किया है कि यह स्थिति कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी बनने की संभावना नहीं रखती। गुरुवार को WHO ने बताया कि हंतावायरस के कुछ और मामले सामने आ सकते हैं, क्योंकि इस वायरस की ऊष्मायन पीरियड काफी लंबा होता है। इसके बावजूद संगठन का मानना है कि सही स्वास्थ्य उपाय अपनाने से यह संक्रमण सीमित दायरे में ही रहेगा।

WHO Issues Alert on Hantavirus: WHO ने क्या कहा?

WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने जिनेवा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि अब तक कुल पांच पुष्ट और तीन संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जहाज पर पाया गया वायरस “एंडीज स्ट्रेन” हो सकता है, जो दुर्लभ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। आम तौर पर हंतावायरस संक्रमित चूहों या कृन्तकों के संपर्क से फैलता है, लेकिन इस स्ट्रेन में मानव संक्रमण की संभावना अधिक मानी जाती है। WHO अधिकारियों ने बताया कि वायरस की ऊष्मायन अवधि छह सप्ताह तक हो सकती है। इसी कारण आने वाले दिनों में और संक्रमित लोगों की पहचान हो सकती है।

एक और यात्री निकला पॉजिटिव

WHO की चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद नीदरलैंड के लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर ने पुष्टि की कि जहाज से जुड़े एक और यात्री की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इससे यह साफ हो गया कि संक्रमण का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसके बावजूद WHO के आपातकालीन प्रतिक्रिया निदेशक अब्दी रहमान महमूद (Abdi Rahman Mahamud) ने कहा कि यदि सभी देश मिलकर सावधानी बरतें और संक्रमित लोगों को अलग रखें, तो यह प्रकोप सीमित रहेगा।

WHO की महामारी रोकथाम विशेषज्ञ मारिया वान केरखोव (Maria Van Kerkhove) ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई। उन्होंने कहा: “यह किसी महामारी की शुरुआत नहीं है। यह कोविड जैसी स्थिति नहीं बनने जा रही।” फिलहाल ब्रिटेन, जर्मनी, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और दक्षिण अफ्रीका में संभावित संक्रमित लोगों की निगरानी की जा रही है। कई लोगों को एहतियात के तौर पर आइसोलेशन में रखा गया है।

क्या है हंतावायरस?

हंतावायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है। यह मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य कृन्तकों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है। यह वायरस शरीर में पहुंचने के बाद फेफड़ों और दिल को प्रभावित कर सकता है। संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, कमजोरी और रक्तस्रावी बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस बीमारी का फिलहाल कोई विशेष इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर केवल लक्षणों को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं।

संक्रमण कैसे फैला?

जांच एजेंसियों का मानना है कि जहाज पर चढ़ने से पहले अर्जेंटीना में एक यात्री वायरस से संक्रमित हुआ था। बाद में उसने समुद्री यात्रा के दौरान दूसरे यात्रियों को संक्रमित कर दिया। नीदरलैंड की कंपनी Oceanwide Expeditions, जो इस जहाज का संचालन करती है, ने बताया कि कई बीमार यात्रियों को जहाज से सुरक्षित निकाला गया है। कंपनी के अनुसार फिलहाल जहाज पर कोई भी लक्षण वाला व्यक्ति मौजूद नहीं है और जहाज स्पेन के टेनेरिफ़ द्वीप की ओर बढ़ रहा है।

कैसे सामने आया पहला मामला ?

इस मामले की शुरुआत एक डच यात्री से हुई, जो अपनी पत्नी के साथ उशुआइया से जहाज पर सवार हुआ था। 11 अप्रैल को उसकी जहाज पर ही मौत हो गई। बाद में उसका शव दक्षिण अटलांटिक के सेंट हेलेना द्वीप पर उतारा गया। उसी दौरान 29 अन्य यात्री भी वहां उतरे थे। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन सभी यात्रियों की तलाश शुरू कर दी। WHO ने बताया कि 12 देशों को इस घटना की जानकारी दी गई है, क्योंकि उनके नागरिक भी इस जहाज से यात्रा कर चुके थे।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब मृतक की पत्नी, जो उसके शव के साथ दक्षिण अफ्रीका गई थी, कुछ दिनों बाद बीमार पड़ गई। 4 मई को उसकी मौत हो गई और जांच में हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। अधिकारियों के अनुसार यह महिला लक्षण दिखाई देने के दौरान सेंट हेलेना से जोहान्सबर्ग के लिए एक सामान्य विमान यात्रा भी कर चुकी थी। उस फ्लाइट में 82 यात्री और छह क्रू सदस्य मौजूद थे। अब स्वास्थ्य एजेंसियां उस विमान में सफर करने वाले सभी लोगों का पता लगाने में जुटी हैं।

जर्मन यात्री की भी मौत

इस संक्रमण से जुड़ी तीसरी मौत 2 मई को हुई, जब एक जर्मन यात्री की जान चली गई। बताया गया है कि उसका शव अभी भी जहाज पर मौजूद है। अर्जेंटीना के स्वास्थ्य अधिकारी अब उशुआइया क्षेत्र में चूहों की जांच करने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि वायरस के स्रोत का पता लगाया जा सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि

हंतावायरस गंभीर जरूर है, लेकिन इसकी संक्रमण क्षमता कोविड-19 की तुलना में काफी कम है। इसलिए वैश्विक महामारी की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। फिर भी WHO और विभिन्न देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हैं और यात्रियों की ट्रैकिंग, जांच तथा आइसोलेशन की प्रक्रिया जारी है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।