What is Hantavirus: दुनिया में अभी तक कई तरह के वायरस का प्रकोप देखने को मिला है। इस बीच अब अटलांटिक महासागर में चल रहे एक क्रूज शिप पर एक नए वायरस के मिलने से हड़कंप मच गया है, जिसका नाम हंतावायरस है। इस वायरस के संक्रमण से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग बीमार बताए जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन और दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की पुष्टि की है। स्थिति को देखते हुए जहाज को फिलहाल रोक दिया गया है और सख्त निगरानी रखी जा रही है। एमवी होंडियस नाम का यह क्रूज शिप इस समय अफ्रीकी देश केप वर्डे की राजधानी प्राया में खड़ा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों को अभी जहाज से उतरने की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और सभी यात्रियों की जांच की जा सके। स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, जहाज पर कुल 6 लोगों में संक्रमण जैसे लक्षण देखे गए हैं। इनमें से एक मामले की लैब में पुष्टि हो चुकी है। एक मरीज की हालत गंभीर है और उसे दक्षिण अफ्रीका के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य दो मरीजों को जहाज से बाहर लाने की तैयारी चल रही है।
What is Hantavirus: संक्रमण की पुष्टि और जांच जारी
यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि सभी बीमार लोग हंतावायरस से ही संक्रमित हैं या नहीं। विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि संक्रमण कैसे फैला और इसकी शुरुआत कहां से हुई। चूंकि यह एक सीमित और बंद वातावरण वाला जहाज है, इसलिए संक्रमण के फैलने की आशंका अधिक मानी जा रही है। यह क्रूज शिप नीदरलैंड के झंडे के तहत संचालित होता है और 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया शहर से अपनी यात्रा पर निकला था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के पास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक महासागर को पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसका अंतिम गंतव्य स्पेन के कैनरी द्वीप थे। जहाज में करीब 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इसमें एक डॉक्टर भी तैनात है, जो यात्रियों की देखभाल कर रहा है।
इस घटना में सबसे पहले 70 वर्षीय एक यात्री की मौत हुई, जो जहाज पर ही बीमार पड़ा था। उसकी मौत के बाद शव को सेंट हेलेना द्वीप पर उतार दिया गया। वह अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहा था। बाद में उसकी पत्नी दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां एयरपोर्ट पर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी भी मौत हो गई। तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर मौजूद है, जिसे केप वर्डे में रखा गया है।
संक्रमण का स्रोत बना रहस्य
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह वायरस आखिर जहाज तक पहुंचा कैसे। जिस जगह से यात्रा शुरू हुई, वहां इस वायरस का कोई मामला दर्ज नहीं था। इसके अलावा जहाज ऐसे इलाकों में भी नहीं गया, जहां यह बीमारी आम तौर पर पाई जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण जहाज के अंदर ही फैल सकता है। संभावना जताई जा रही है कि चूहों के संपर्क में आने से यह वायरस फैला हो।
क्या है हंतावायरस ?
हंतावायरस एक खतरनाक वायरस है, जो मुख्य रूप से चूहों और कुछ अन्य छोटे जानवरों में पाया जाता है। यह जानवर खुद बीमार नहीं होते, लेकिन इनके संपर्क में आने से इंसानों में गंभीर बीमारी हो सकती है। यह वायरस इंसानों में “पल्मोनरी सिंड्रोम” नाम की बीमारी पैदा करता है, जिससे फेफड़ों पर गंभीर असर पड़ता है और सांस लेने में दिक्कत होती है।
कैसे फैलता है यह वायरस?
हंतावायरस आमतौर पर तीन तरीकों से फैलता है:
- अगर संक्रमित चूहा किसी व्यक्ति को काट ले।
- चूहे के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने पर और फिर चेहरे को छूने से।
- ऐसी खाने की चीजें खाने से, जो चूहों के संपर्क में आ चुकी हों।
- हालांकि यह वायरस हवा के जरिए आसानी से नहीं फैलता, लेकिन फिर भी यह बेहद खतरनाक माना जाता है।
कितना खतरनाक है हंतावायरस?
वैज्ञानिकों के अनुसार, हंतावायरस का मृत्यु दर काफी ज्यादा है। लगभग 38 प्रतिशत मामलों में मरीज की मौत हो सकती है। बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों के लिए यह और अधिक घातक हो सकता है। इसके कई प्रकार (स्ट्रेन) पाए गए हैं, जिनमें कुछ बेहद खतरनाक हैं। उदाहरण के तौर पर, अराराक्वॉरा नामक स्ट्रेन में मृत्यु दर 50 प्रतिशत से भी ज्यादा देखी गई है, जबकि कुछ अन्य स्ट्रेन में यह 40 प्रतिशत तक हो सकती है।
अब तक हंतावायरस का कोई निश्चित इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर मरीज के लक्षणों के आधार पर ही इलाज करते हैं। गंभीर मामलों में मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है। यदि समय पर इलाज न मिले, तो मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है और 7 से 10 दिनों के भीतर मौत भी हो सकती है।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
यह पहली बार नहीं है जब हंतावायरस चर्चा में आया हो। साल 1993 में अमेरिका में इसका पहला बड़ा मामला सामने आया था, जिसमें एक दंपति की मौत हो गई थी। इसके बाद कुछ ही महीनों में सैकड़ों लोग इस वायरस की चपेट में आए। हाल ही में भी यह बीमारी चर्चा में रही थी, जब एक प्रसिद्ध अमेरिकी अभिनेता की पत्नी की मौत इससे जुड़ी बताई गई थी। उनके घर के आसपास चूहों की मौजूदगी भी पाई गई थी।
अब तक कितने मामले सामने आए?
अमेरिका में 1993 से लेकर 2023 तक इस बीमारी के लगभग 890 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से ज्यादातर मामले न्यू मेक्सिको क्षेत्र में पाए गए हैं। हंतावायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका है साफ-सफाई बनाए रखना और चूहों से दूरी बनाकर रखना। खाने-पीने की चीजों को सुरक्षित रखना और गंदगी से बचना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह के फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है।
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