वेटिकन सिटी, 7 मई (आईएएनएस)। पोप लियो XIV से अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुलाकात की। 30 मिनट तक हुई बैठक में मध्य पूर्व संघर्ष को लेकर बात हुई। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसकी जानकारी दी।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने इस मुलाकात को लेकर एक छोटा सा बयान जारी किया। जिसके अनुसार, बैठक में मध्य पूर्व की स्थिति और पश्चिमी गोलार्ध से जुड़े साझा मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात अमेरिका और होली सी के बीच मजबूत संबंधों, शांति और मानव गरिमा को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
वेटिकन की ओर से जारी तस्वीरों में पोप लियो और रुबियो को अपोस्टोलिक पैलेस में हाथ मिलाते और बातचीत करते देखा जा सकता है। बताया गया कि बैठक तय समय से लंबी चली, जिसके कारण पोप अपने अगले कार्यक्रम में करीब 40 मिनट देरी से पहुंचे।
अमेरिका के पहले पोप बने लियो XIV हाल के महीनों में अमेरिका-इजरायल के ईरान पर रुख और ट्रंप प्रशासन की कड़ी आव्रजन नीतियों के आलोचक रहे हैं। इसी वजह से ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक रूप से पोप के खिलाफ टिप्पणी की है।
सोमवार को ही ट्रंप ने दावा किया था कि पोप मानते हैं कि ईरान को परमाणु हथियार मिलना ठीक है। ट्रंप ने यह भी कहा था कि पोप “कई कैथोलिक्स को खतरे में डाल रहे हैं।” हालांकि, पोप लियो ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चर्च का मिशन शांति का संदेश देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैथोलिक चर्च लंबे समय से परमाणु हथियारों का विरोध करता आया है।
पोप ने कहा, “चर्च का काम सुसमाचार और शांति का प्रचार करना है। परमाणु हथियारों के खिलाफ चर्च का रुख वर्षों से स्पष्ट रहा है।”
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भी पोप से मुलाकात की। बैठक के बाद टस्क ने कहा कि दुनिया को अराजकता से बचाने के लिए अच्छे इरादों वाले देशों और नेताओं को एकजुट होकर काम करना होगा।
–आईएएनएस
केआर/
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