Yogendra Upadhyay Statement: उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने 6 मई को कानपुर के मर्चेंट चैंबर हॉल में हुए कार्यक्रम में शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने और शिक्षा व संस्कारों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने ‘जॉनी जॉनी यस पापा’ जैसी प्रसिद्ध अंग्रेजी कविता की आलोचना करते हुए कहा कि ये बच्चों को झूठ बोलना सिखाती हैं। मंत्री ने हिंदी कविताओं का आह्वान करते हुए कहा कि इससे बच्चों में संस्कार आते हैं। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे पाठ्यक्रम के साथ-साथ संस्कार देने वाली व्यवस्था बनाएं। इस दौरान उन्होंने 12 शिक्षामित्रों को मानदेय बढ़ोतरी के डेमो चेक प्रदान कर सम्मानित किया।
Yogendra Upadhyay Statement: अंग्रेजी कविताओं से बिगड़ रहे संस्कार
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जब शिक्षक गुरु की भूमिका निभाते हैं, तभी वे पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को अच्छे संस्कार भी दे पाते हैं। उन्होंने कहा कि “ईटिंग शुगर, नो पापा” जैसी पंक्तियां बच्चों के मन में छोटी उम्र से ही झूठ बोलने की आदत डाल सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिमी संस्कृति से जुड़ी अंग्रेजी कविताएं वह संस्कार नहीं देतीं, जिनकी आज की पीढ़ी को जरूरत है। साथ ही उन्होंने उन हिंदी कविताओं का जिक्र किया, जिन्हें पढ़कर पुरानी पीढ़ी बड़ी हुई और जिनमें अच्छे जीवन मूल्य शामिल थे।
कानपुर नगर में आयोजित #शिक्षामित्र_सम्मान_समारोह को संबोधित करते हुए |@narendramodi @AmitShah @NitinNabin @myogiadityanath @mppchaudhary @BJP4India @BJP4UP @UPGovt pic.twitter.com/Y6HDVMCSjN
— Yogendra Upadhyaya (@YogendraUpadhy) May 5, 2026
“शिक्षा सिर्फ किताबी पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए”
शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि शिक्षा सिर्फ किताबी पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए। गुरु वह है, जो वह है जो छोटी-छोटी बातों से बच्चों को जीवन का सही रास्ता दिखाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस दिन शिक्षक पढाई के अलावा संस्कार की बातें करने लगेंगे, वे गुरु बन जाएंगे। तभी आने वाली नस्लों का सही निर्माण होगा। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट भी दिखाया गया।
Shiksha Mitras Felicitated: शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी
शिक्षा मंत्री ने शिक्षामित्रों को शिक्षा व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनका मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया है। इस बढ़ोतरी से खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में काम करने वाले शिक्षामित्रों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
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