उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकार की आलोचना करते हुए उन पर उत्तर प्रदेश के संभल में प्राचीन शिव-हनुमान मंदिर को चार दशकों से अधिक समय तक फिर से खोलने से रोकने का आरोप लगाया है। स्थानीय अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण विरोधी अभियान के बाद हाल ही में 14 दिसंबर को मंदिर को फिर से खोला गया था।
पिछली सरकार पर योगी का हमला
राज्य विधानसभा में बोलते हुए, सीएम योगी ने कहा, “उन्होंने (समाजवादी पार्टी) 1978 से मंदिर को खोलने की अनुमति नहीं दी, जिसे अब खोला जा रहा है…” सीएम योगी ने यह भी चेतावनी दी कि संभल में हाल ही में हुई पत्थरबाजी की घटना में शामिल लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा, “(संभल में) बिना सबूत के एक भी गिरफ्तारी नहीं की गई है, और मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि पत्थरबाजी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हम सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हैं। हम न्यायालय का भी सम्मान करते हैं…जब कोई संविधान की मूल प्रति पढ़ेगा तो उसे पता चलेगा कि उसमें कहीं भी धर्मनिरपेक्षता या समाजवाद का उल्लेख नहीं है…”
मंदिर खोलने की नहीं दी इजाजत-सीएम योगी
इस बीच, अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान मंदिर को फिर से खोलने के बाद उत्तर प्रदेश के संभल में प्राचीन शिव-हनुमान मंदिर के पास एक कुएं से तीन मूर्तियाँ बरामद की गईं। कथित तौर पर 1978 से बंद पड़े मंदिर को स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत 14 दिसंबर को फिर से खोल दिया गया। इस बीच, उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार को लखनऊ में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के साथ शुरू हुआ।
सत्र के पहला दिन
सत्र के पहले दिन सदन में औपचारिक कामकाज होगा, जबकि 17 दिसंबर को अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जिसके 12,000 से 15,000 करोड़ रुपये के बीच होने की उम्मीद है। बजट पर चर्चा और पारित होने का कार्यक्रम 18 दिसंबर को है। सदन में विधायी कार्य 19 और 20 दिसंबर को होगा। शीतकालीन विधानसभा सत्र 20 दिसंबर को समाप्त होगा।
(News Agency)


Download Android App
Download iOS App






