इस Chaitra Navratri पर आप भी दर्शन करने का बना रहे हैं Plan? तो भारत के ये 5 Devi Temple को करें Explore

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Famous Devi Temples in India: कुछ ही दिनों में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की हर दिन पूजा होती है। घटस्थापना करने से माता रानी का घर पर आगमन होता है, वहीं मंदिरों में भी नवरात्रि पर हर दिन विशेष श्रृंगार, भोग और पूजन की व्यवस्था की जाती है। पूरे देश भर के देवी मंदिरों में इस दौरान नजारा देखने लायक होता है। देशभर में कई प्रसिद्ध और प्राचीन देवी मंदिर हैं, जहां दर्शन के लिए केवल देश ही नहीं विदेशों से भी हिंदू भक्त पहुंचते हैं। भारत के उत्तर में…

Famous Devi Temples in India: कुछ ही दिनों में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की हर दिन पूजा होती है। घटस्थापना करने से माता रानी का घर पर आगमन होता है, वहीं मंदिरों में भी नवरात्रि पर हर दिन विशेष श्रृंगार, भोग और पूजन की व्यवस्था की जाती है। पूरे देश भर के देवी मंदिरों में इस दौरान नजारा देखने लायक होता है। देशभर में कई प्रसिद्ध और प्राचीन देवी मंदिर हैं, जहां दर्शन के लिए केवल देश ही नहीं विदेशों से भी हिंदू भक्त पहुंचते हैं।

भारत के उत्तर में कटरा में माता वैष्णो देवी माता का मंदिर है, वहीं दक्षिण में चामुंडेश्वरी मंदिर और मदुरै का मीनक्षी मंदिर है। इसके अलावा 52 शक्तिपीठ भी हैं, जो भारत में ही नहीं बल्कि पड़ोसी देशों, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश में भी मौजूद हैं। आज हम आपको बताएंगे, इस नवरात्रि आप कहां-कहां दर्शन के लिए जा सकते हैं।

Famous Devi Temples in India: नवरात्रि पर इन मंदिरों के करें दर्शन

1. वैष्णो देवी मंदिर, कटरा (Vaishno Devi Temple)

Vaishno Devi Temple
Vaishno Devi Temple (Source: Social Media)

जम्मू-कश्मीर के कटरा में माता वैष्णो देवी का मंदिर स्थित है। इस मंदिर को भारत का सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय देवी मंदिर माना जाता है। हर साल वैष्णो देवी मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं नवरात्रि में यहां का नजारा बेहद खूबसूरत होता है। वैष्णो देवी माता के दर्शन के लिए भक्तों को पैदल यात्रा करनी होती है। हालांकि, सुविधा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा और घोड़े व पालकी की व्यवस्था भी है। इस मंदिर से जुड़ी कई धार्मिक मान्यता है।

2. कामाख्या देवी मंदिर, गुवाहाटी (Kamakhya Temple)

Kamakhya Temple
Kamakhya Temple (Source: Social Media)

असम राज्य के गुवाहाटी में कामाख्या देवी मंदिर स्थित है। यह मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक है। यहां माता सती का योनि भाग गिरा था। कामाख्या देवी मंदिर को तंत्र साधना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। नवरात्रि के समय यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है और देवी के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं।

3. अन्नपूर्णा मंदिर, वाराणसी (Annapurna Temple)

Annapurna Temple
Annapurna Temple (Source: Social Media)

भगवान शिव की नगरी काशी में माता अन्नपूर्णा का मंदिर है, जो कि देवी पार्वती का प्रमुख स्थल है। यह मंदिर भक्तों को सुख-समृद्धि और अन्न-धन का आशीर्वाद देने वाला माना जाता है। नवरात्रि के समय यहां भव्य पूजा और भंडारे का आयोजन किया जाता है।

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4. हरसिद्धि मंदिर, उज्जैन (Harsiddhi Temple)

Harsiddhi Temple
Harsiddhi Temple (Source: Social Media)

मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी शक्तिपीठ है, जिसका नाम हरसिद्धि माता मंदिर है। इसे देश के प्रमुख शक्ति पीठों में गिना जाता है। यहां माता सती की कोहनी गिरी थी। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं, और मां काली की भव्य आरती भक्तों को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव देती है। चैत्र नवरात्रि के दौरान आप भी यहां दर्शन के लिए जा सकते हैं।

5. अंबाजी मंदिर, गुजरात (Ambaji Temple)

Ambaji Temple
Ambaji Temple (Source: Social Media)

गुजरात के बनासकांठा जिले में अंबाजी मंदिर स्थित है। इस मंदिर को 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। माना जाता है कि यहां माता सती का हृदय गिरा था। यह मंदिर बिना किसी मूर्ति के पूजनीय है, क्योंकि यहां केवल “श्री यंत्र” की पूजा की जाती है। मान्यता यह भी है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण का मुंडन संस्कार संपन्न हुआ था। नवरात्रि के अवसर पर यहां भव्य गरबा महोत्सव आयोजित होता है।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।