ब्लैक फंगस के इलाज के लिए एम्फोटेरिसिन-बी की 29250 शीशियां राज्यों को दी गई : सदानंद गौड़ा

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केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने बुधवार को बताया कि ब्लैक फंगस के इलाज में अहम भूमिका निभाने वाली दवा एम्फोटेरिसिन-बी की 29,250 अतिरिक्त शीशियां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश को मुहैया कराई गई हैं।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने बुधवार को बताया कि ब्लैक फंगस के इलाज में अहम भूमिका निभाने वाली दवा एम्फोटेरिसिन-बी की 29,250 अतिरिक्त शीशियां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश को मुहैया कराई गई हैं। गौड़ा ने कई ट्वीट कर एम्फोटेरिसिन-बी दवा की आपूर्ति के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने टि्वटर पर कहा कि ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा एम्फोटेरिसिन-बी की 29,250 अतिरिक्त शीशियां आज देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुहैया कराई गई हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दवा की आपूर्ति मरीजों की संख्या के आधार पर की गई है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस समय ब्लैक फंगस के 11,717 मामले हैं।
इससे पहले केंद्र की ओर से 24 मई को एम्फोटेरिसिन-बी की 19,420 शीशियों की आपूर्ति की गई थी जबकि 21 मई को 23,680 शीशियां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुहैया कराई गई थी। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, कर्नाटक में ब्लैक फंगस का इलाज करा रहे लगभग 481 मरीजों के लिए एम्फोटेरिसिन-बी की 1,220 अतिरिक्त शीशियां आवंटित की गई हैं।गौड़ा की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार गुजरात में ब्लैक फंगस के सर्वाधिक 2,859 मरीज हैं, इसके बाद महाराष्ट्र में 2,770, आंध्र प्रदेश में 768, मध्य प्रदेश में 752, तेलंगाना में 744 और उत्तर प्रदेश में 701 मरीज हैं।
ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों के कारण देश के कई राज्यों में एम्फोटेरिसिन-बी दवा की मांग कई गुणा बढ़ गई है। देश में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को लेकर डॉक्टरों ने चिंता व्यक्त की है। कोविड-19 से ठीक हो चुके मरीजों में इसके मामले सामने आ रहे हैं। कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र वाले लोगों को इससे अधिक खतरा है।

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