ओवैसी के बाद महबूबा ने भी किया AMU में आतंकी के नमाज-ए-जनाजा का समर्थन

Summary :

हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकी मन्नान वानी की हत्या के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कश्मीरी छात्रों द्वारा नमाज-ए-जनाजा पढ़ने की कोशिश में देशद्रोह का केस दर्ज हो गया है।

हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकी मन्नान वानी की हत्या के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कश्मीरी छात्रों द्वारा नमाज-ए-जनाजा पढ़ने की कोशिश में देशद्रोह का केस दर्ज हो गया है। जिस पर सियासत गरमा गई है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नमाज-ए-जनाजा पढ़ने वाले छात्रों का समर्थन किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट में लिखा,’ छात्रों की आवाज दबाने के परिणाम अच्छे नहीं होंगे। छात्रों पर से केस वापस लिए जाने पर केंद्र हस्तक्षेप करे और एएमयू प्रशासन उनका निलंबन वापस ले। जम्मू-कश्मीर के बाहर की राज्य सरकारों को स्थिती पर संवेदनशील होना चाहिए, ताकि इनके अलगाव को रोका जा सके।

महबूबा मुफ्ती ने आगे लिखा, ‘छात्रों को अपने सहपाठी जो कि कश्मीर में लगातार हिंसा का पीड़ित हो, उसे याद करने के लिए सजा देना गलत होगा।

वही असदुद्दीन ओवैसी ने भी ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्र अपनी पढ़ाई बीच में छो़ड़कर जाना चाहते हैं, मैं उम्मीद करता हूं कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मचे बवाल को मानव संसाधन राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर हमारे पढ़े-लिखे बच्चे विशेष तौर से जो एएमयू जैसी प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी से निकले हों और वह हिज्बुल जैसे आतंकी संगठनों में कमांडर बनकर काम करते हैं तो ऐसे में उस शिक्षण संस्थान पर सवाल खड़े होते हैं।

Desk Team