केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को कहा कि मोदी सरकार के वित्तीय संस्थानों में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में कमी लाने के प्रयास के कारण ऋण शोधन एवं दिवाला कार्यवाही के जरिए चार लाख करेाड़ रुपये की वसूली हुई है जो बड़ी उपलब्धि है। भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान के 70वें सालाना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।
वित्त राज्यमंत्री ने कहा कि 2014 में अपने पहले कार्यकाल में मोदी ने जब सत्ता संभाली थी तब एनपीए 52 लाख करोड़ रुपये था। केंद्र सरकार के आदेश पर वित्तीय संस्थानों ने सख्त कदम उठाए और कानूनी कार्रवाई तथा नियत प्रक्रिया का पालन किया जिससे अब एनपीए घटकर 18 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों में फंसे कर्ज लाने के लिए प्रयास किए हैं। दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता के तहत फंसे कर्ज में से चार लाख करोड़ रुपये की वसूली एक बड़ी उपलब्धि है।
ठाकुर ने कहा कि सरकार आधार होने पर पैन कार्ड उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। इसमें किसी अन्य दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी।
उन्होंने सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट से अपील की कि वे अपने ग्राहकों से मुकदमेबाजी को खत्म करने को कहें और इस तरह सरकार की मदद करें।


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