केंद्र सरकार ने सोमवार से नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय का नाम बदलकर प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय सोसायटी कर दिया गया है। पीएमएमएल के उपाध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश ने से बात करते हुए इसकी पुष्टि की। नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय अब 14 अगस्त, 2023 से प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय सोसायटी है जो समाज के लोकतंत्रीकरण और विविधीकरण के अनुरूप है।
एनएमएमएल सोसाइटी की बैठक में लिया गया फैसला
जून में, एनएमएमएल सोसाइटी की एक विशेष बैठक के दौरान, इसका नाम बदलकर पीएमएमएल सोसाइटी करने का निर्णय लिया गया। संस्कृति मंत्रालय ने तब कहा था कि उसने नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी का नाम बदलकर प्राइम मिनिस्टर्स म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी करने का फैसला किया है। जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जो सोसाइटी के उपाध्यक्ष हैं, ने की। इस परियोजना को नवंबर 2016 में आयोजित अपनी 162वीं बैठक में कार्यकारी परिषद, एनएमएमएल द्वारा अनुमोदित किया गया था। प्रधानमंत्री संग्रहालय को पिछले साल 21 अप्रैल को जनता के लिए खोला गया था।
प्रधानमंत्रियों ने कई चुनौतियों का सामना कर देश का नेतृत्व किया
उद्घाटन के दौरान सरकार की ओर से निमंत्रण मिलने के बावजूद गांधी परिवार का कोई भी सदस्य समारोह में मौजूद नहीं था, पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी सहित नेहरू गांधी परिवार के तीन सदस्यों ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया है। संस्कृति मंत्रालय कहा, कि संग्रहालय एक सहज मिश्रण है जो पुनर्निर्मित और नवीनीकृत नेहरू संग्रहालय भवन से शुरू होता है, अब जवाहरलाल नेहरू के जीवन और योगदान पर तकनीकी रूप से उन्नत प्रदर्शनों के साथ पूरी तरह से अद्यतन किया गया है। एक नई इमारत में स्थित संग्रहालय यह कहानी बताता है कि कैसे हमारे प्रधानमंत्रियों ने विभिन्न चुनौतियों के माध्यम से देश का नेतृत्व किया और देश की सर्वांगीण प्रगति सुनिश्चित की। यह सभी प्रधानमंत्रियों को मान्यता देता है, जिससे संस्थागत स्मृति का लोकतंत्रीकरण होता है।


Download Android App
Download iOS App



