ताइपे, 1 नवंबर (आईएएनएस)। ताइवान की ‘मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल’ (एमएसी) के अनुसार, इस समय 458 ताइवानी नागरिक चीन में लापता हैं, हिरासत में हैं या उनकी आवाजाही की स्वतंत्रता पर किसी न किसी तरह की रोक लगी हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित लोगों में ‘आई-कुआन ताओ’ (यिगुआनदाओ) से जुड़े अनुयायी भी शामिल हैं। यह ताइवान की सबसे व्यापक धार्मिक परंपराओं में से एक है, जिसे चीन लंबे समय से संदेह की नजर से देखता रहा है।
‘बिटर विंटर’ की रिपोर्ट ने बताया गया है कि एमएसी के आंकड़ों के अनुसार, 175 ताइवानी नागरिक लापता हैं, 41 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जबकि 242 लोग अब भी चीनी अधिकारियों की हिरासत में हैं।
स्ट्रेट्स एक्सचेंज फाउंडेशन के महासचिव लुओ वेन-जिया ने बताया कि हाल के चार मामलों में अप्रैल से जुलाई के बीच ‘आई-कुआन ताओ’ के ताइवानी अनुयायियों को हिरासत में लिया गया। इनमें लंबे समय से चीन में रह रहे शिक्षक, कारोबारी और सेवानिवृत्त लोग शामिल हैं, जो फुजियान, गुआंगडोंग और शेनझेन में रहते थे।
रिपोर्ट के अनुसार, चीनी अधिकारियों की ओर निशाना बनाए गए इन लोगों के बीच एक समान बात यह थी कि वे किसी कथित ‘अवैध संगठन’ से जुड़े होने के कारण नहीं, बल्कि अपनी धार्मिक पहचान की वजह से कार्रवाई का सामना कर रहे थे।
लुओ ने कहा कि ये गिरफ्तारियां धार्मिक कारणों से प्रेरित लगती हैं। पहले ऐसे मामले आमतौर पर उन ताइवानी श्रद्धालुओं से जुड़े होते थे, जो चीन की छोटी यात्राओं पर जाते थे। उन्होंने ‘आई-कुआन ताओ’ के अनुयायियों से ताइवान लौटने की अपील की और उनके लिए ‘रेड अलर्ट’ यात्रा सलाह जारी करने की मांग की।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ताइवानी नागरिकों की ये गिरफ्तारियां सिर्फ अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं। ये चीन की घरेलू धार्मिक नीतियों के सीमा पार विस्तार को दिखाती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी किसी व्यक्ति की आस्था को वैचारिक रूप से अस्वीकार्य मानती है, तो ताइवानी पासपोर्ट भी उसे सुरक्षा नहीं दे पाता।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एमएसी के बढ़ते आंकड़े, स्ट्रेट्स एक्सचेंज फाउंडेशन की चेतावनियां और अनुच्छेद 300 के तहत चलाए जा रहे मुकदमे इस बात का संकेत हैं कि स्थिति लगातार सख्त होती जा रही है। ऐसे माहौल में धार्मिक पहचान ही संदेह का कारण बन सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, आई-कुआन ताओ के अनुयायियों के लिए जोखिम वास्तविक, दर्ज और लगातार बना हुआ है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व वाले चीन में दमन की नीति देश की सीमाओं से बाहर तक असर डाल रही है।
–आईएएनएस
एवाई/एबीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



