Delhi University : दिल्ली विश्वविद्यालय में भारत के पहले कार्बन गार्डन का उद्घाटन गुरुवार को डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह वृक्षारोपण करने के साथ किया। वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा विभाग के सामने लॉन में स्थापित इस गार्डन में पर्यावरण में योगदान देने वाली विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं।
कुलपति ने कहा कि गार्डन का क्षेत्रफल छोटा है, लेकिन इसके पीछे का विचार बड़ा है। दुनियाभर में हर साल वायु प्रदूषण के कारण 70 लाख से अधिक लोगों की मौत होती है, जबकि भारत में करीब 17 लाख लोग जान गंवाते हैं। पर्यावरण की समस्या का समाधान केवल तकनीक से नहीं किया जा सकता, इसके लिए सतत उपाय जरूरी हैं। कार्बन गार्डन सराहनीय प्रयास है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है और सही कदम नहीं उठाए गए तो यह प्रदूषण की राजधानी बन जाएगी। उन्होंने डीयू के विभागों और कॉलेजों में कार्बन गार्डन स्थापित करने का आह्वान किया।
कुलपति ने भवन निर्माण में पश्चिमी देशों का अंधानुकरण करने पर चिंता जताई। भारत में करीब 300 दिन पर्याप्त धूप उपलब्ध रहती है, फिर भी कांच की बहुमंजिला इमारतें बनाई जा रही हैं। इन्हें ठंडा रखने में 30-40 प्रतिशत अधिक बिजली की जरूरत पड़ती है। विकास योजनाओं में पर्यावरणीय परिस्थितियों और जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए।
विभागाध्यक्ष एवं कार्बन गार्डन के संस्थापक प्रो. दीनबंधु साहू ने बताया कि 2000 वर्ग फुट में विकसित यह गार्डन शहरी क्षेत्र के बीच मिनी जैव विविधता पार्क है। इसमें जड़ी-बूटियों, झाड़ियों और पेड़ों समेत 50 प्रजातियां हैं। कार्यक्रम में प्रिंसिपल और विद्यार्थी मौजूद रहे।


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