Himachal: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक देते ही कहर बरपाना शुरू कर दिया है. प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है. खासकर कुल्लू जिले में हालात काफी गंभीर हो गए हैं. यहां रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के बीच बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण कई गाड़ियां तेज बहाव में बह गई हैं. राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को कुल्लू जिले की सैंज घाटी, सोलंग घाटी और गड़सा वैली में बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं. इन घटनाओं से क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. सैंज नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से आस-पास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई है. कई इलाकों में नदी और नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोग डरे हुए हैं.
बिहाली गांव पर मंडरा रहा है खतरा
वहीं सैंज घाटी का बिहाली गांव भारी बारिश और भूमि कटाव की चपेट में आ गया है. गांव के पास बहने वाले नाले में जलस्तर इतना बढ़ गया है कि बड़े-बड़े पेड़ बहते हुए दिखाई दे रहे हैं. गांववासियों में डर का माहौल है और प्रशासन लगातार लोगों से नदी-नालों के नजदीक न जाने की अपील कर रहा है.
देखें वीडियो : 1937883624109756901
प्रशासन की चेतावनी और अलर्ट
आपदा प्रबंधन के विशेष सचिव डीसी राणा ने जानकारी दी कि राज्य में 19 जून को मानसून की शुरुआत हुई थी और मौसम विभाग की ओर से पहले ही फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया गया था. उन्होंने बताया कि कुल्लू जिले में तीन स्थानों पर बादल फटने की पुष्टि हुई है. हालांकि, अभी तक किसी की जान जाने की सूचना नहीं है, लेकिन नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
सतर्कता और सरकारी तैयारियां
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक सतर्क रहें और नदी-नालों से दूर रहें. साथ ही, राज्य सरकार ने आपात स्थिति से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. यदि किसी को जरूरत महसूस हो तो वे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे खतरा बना रह सकता है.
यह भी पढ़ें-Mumbai से Surat तक बारिश का कहर, खतरे के निशान को पार हुई कुंडलिका नदी


Download Android App
Download iOS App




