जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में आई बड़ी गिरावट, सरकार ने राज्यसभा में बताया पिछले एक साल में इतने जवान हुए शहीद

Summary :

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का असर दिखने लगा है और अब न सिर्फ आतंकी हमलों में गिरावट आई है बल्कि घुसपैठ के मामले भी घटे हैं।

जम्मू-कश्मीर में पिछले एक साल में आतंकवादियों की नापाक हरकतों पर काफी लगाम लगी है। भारतीय सेना ने आतंकियों को मुहंतोड़ जवाब दिया है और साथ ही सुरक्षाबलों ने बड़े ही संयम से प्रदेश नागरिकों की सुरक्षा भी की है। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का असर दिखने लगा है और अब न सिर्फ आतंकी हमलों में गिरावट आई है बल्कि घुसपैठ के मामले भी घटे हैं। 
सरकार ने बुधवार को संसद में इसकी जानकारी दी है। राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने बताया है कि इस साल अब तक घुसपैठ के सिर्फ 28 ही मामले दर्ज किए गए हैं, जो कि बीते सालों की तुलना में काफी कम हैं।  
इस साल नवंबर महीने तक यह आंकड़ा सिर्फ 28 तक सिमटा हुआ है 

गृह मंत्रालय के जवाब के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में साल 2018 में घुसपैठ के कुल 143 मामले दर्ज किए थे, जबकि इस साल नवंबर महीने तक यह आंकड़ा सिर्फ 28 तक सिमटा हुआ है। 
32 सुरक्षाबल और जम्मू कश्मीर के 19 पुलिसकर्मी शहीद हो गए  
जम्मू कश्मीर में पिछले एक साल के दौरान छिटपुट कई आतंकी घटनाएं सामने आई हैं। सुरक्षाबलों की तरफ से चलाए गए ऑपरेशन से बौखलाए आतंकियों ने हताशा में कई वारदात को अंजाम दिया। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा में जवाब देते हुए केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने सभी सांसदों को कहा कि अक्टूबर 2020 से लेकर अक्टूबर 2021 तक 32 सुरक्षाकर्मी और जम्मू कश्मीर के 19 पुलिसकर्मी शहीद हुए। 
उन्होंने आगे बताया कि पिछले 12 महीने में यानी दिसंबर 2020 से लेकर 26 नवंबर तक 14 आतंकियों को जिंदा पकड़ा गया, जबकि 165 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर किया।  
राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने बताया कि जम्मू कश्मीर में 2018 के बाद से घुसपैठ की घटनाओं में कमी आई है। साल 2018 में 143 घुसपैठ की घटनाएं हुई थी, जबकि इस साल सिर्फ  28 घटनाएं सामने आईं।गृह मंत्रालय ने बताया कि कुल 417 आतंकी घटनाएं साल 2018 में हुई थी, तो वहीं इस साल नवंबर तक सिर्फ 244 आतंकी घटनाएं हुई हैं।

Desk Team