कोरोना से मुक्ति पाने के लिए सुमित्रा महाजन ने लोगों से की अपने इष्ट देवों से प्रार्थना करने की अपील

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सुमित्रा महाजन ने सोशल मीडिया वीडियो संदेश में कहा, “डॉक्टर, सरकारी अफसर, पुलिस अधिकारी और अन्य लोग कोरोना वायरस से मैदानी लड़ाई लड़ रहे हैं। हम भी अपने घर में बैठकर एक काम कर सकते हैं।

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने रविवार को कोरोना संकट से पार पाने के लिए लोगों से सोमवार सुबह आधे घंटे तक अपने इष्ट देवों से प्रार्थना करने का आग्रह किया है। वहीं उनके इस आग्रह पर कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा है कि उन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूछना चाहिए कि इंदौर में कोरोना से बड़ी संख्या में लोगों की मौत कैसे हुई?
सुमित्रा महाजन ने सोशल मीडिया वीडियो संदेश में कहा, “डॉक्टर, सरकारी अफसर, पुलिस अधिकारी और अन्य लोग कोरोना वायरस से मैदानी लड़ाई लड़ रहे हैं। हम भी अपने घर में बैठकर एक काम कर सकते हैं। हम अपने घरों में 20 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे रुद्र का पाठ कर सकते हैं और महामृत्युंजय मंत्र की एक माला जप सकते हैं।”
उन्होंने कहा, “अगर आप (आम लोग) ये दोनों काम नहीं कर सकते हैं, तो मेरा निवेदन है कि अहिल्या माता के स्मरण के साथ आधे घंटे तक अपने इष्ट देवों का जाप करते हुए प्रार्थना करें कि वे हमें कोरोना वायरस के प्रकोप से मुक्ति दिलायें।” उनके वीडियो संदेश पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा, “इष्ट देवों से प्रार्थना को लेकर आम लोगों से ताई की अपील पर हमें कोई आपत्ति नहीं है। 
लेकिन बीजेपी की वरिष्ठतम नेताओं में शामिल होने के नाते उन्हें सीधे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूछना चाहिए था कि जिस इंदौर को वह अपने सपनों का शहर बताते फिरते हैं, वहां कोविड-19 से बड़ी संख्या में लोगों की मौत कैसे हो गयी? उन्हें मुख्यमंत्री से यह भी पूछना चाहिए था कि कर्फ्यू के दौरान शहर की आम जनता राशन के लिए परेशान क्यों हो रही है?”
शुक्ला ने कहा कि कोविड-19 से जुड़े इन बुनियादी सवालों पर महाजन की कथित चुप्पी इंदौर क्षेत्र के मतदाताओं को आहत करने वाली है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “इंदौर के मतदाता ताई से अपेक्षा कर रहे थे जिस नेता को उन्होंने बरसों तक अपना नुमाइंदा चुनकर लोकसभा पहुंचाया था, वह इस विकट समय में उनकी मदद के लिए मैदान संभालेंगी।” 
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इंदौर जिले में रविवार सुबह तक कोविड-19 के कुल 890 मरीज हैं। इनमें से 49 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद से प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है।

Desk Team