नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने पूर्वोत्तर भारत में अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मिजोरम और असम में दो अलग-अलग अभियान चलाकर 50 किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त की है। बरामद किए गए प्रतिबंधित पदार्थों में 30 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट (याबा) और 20 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन शामिल हैं।
डीआरआई ने बताया कि इन दोनों अभियानों में चार लोगों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किए गए तीन वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है।
डीआरआई को विशेष खुफिया जानकारी मिली थी कि मादक पदार्थों की कई खेप जोखावथार से आइजोल और सिलचर की ओर भेजी जा रही है। इसी सूचना के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने असम राइफल्स की सहायता से 29 अक्टूबर 2026 को आइजोल-चम्फाई रोड पर आइजोल के बाहरी इलाके में एक महिंद्रा बोलेरो कैम्पर वाहन को रोका।
वाहन की गहन तलाशी के दौरान एक कार्यालयी मेज के अंदर विशेष रूप से बनाई गई गुप्त जगह से गुलाबी-नारंगी रंग की गोलियों वाले 30 ईंटनुमा पैकेट बरामद किए गए। इनका कुल वजन 30 किलोग्राम था।
डीआरआई के अनुसार, फर्नीचर के भीतर मादक पदार्थ छिपाने का तरीका तस्करों की नई रणनीति है, जिससे वाहन सामान्य घरेलू या कार्यालयी सामान ले जाते हुए दिखाई दे और जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।
इसके अगले दिन 30 अक्टूबर को डीआरआई ने एक और खुफिया सूचना के आधार पर असम राइफल्स की मदद से सिलचर से लगभग 40 किलोमीटर दूर धोलाई में एक अशोक लेलैंड ट्रक और एक बोलेरो कैम्पर को रोका।
ट्रक की तलाशी में चालक के केबिन के ऊपर छिपाकर रखे गए क्रिस्टल मेथामफेटामाइन के 20 पैकेट बरामद किए गए। इनका कुल वजन 20 किलोग्राम था। तस्करों ने इन पैकेटों को विदेशी निशान वाले चाय के पैकेटों में पैक किया था, ताकि संदेह से बचा जा सके।
प्रारंभिक जांच और मौके पर किए गए परीक्षण में बरामद पदार्थ में एम्फेटामाइन की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
डीआरआई की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि जब्त किए गए मादक पदार्थ म्यांमार से भारत में तस्करी कर लाए गए थे।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में डीआरआई ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में 232 किलोग्राम और 56 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की दो बड़ी खेप भी जब्त की थीं।
अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे जांच जारी है और इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
–आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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