पूरे उत्तर भारत में गर्मी ने अपना कहर बरपा रखा है और इन सब के बीच उत्तर प्रदेश के बलिया में भीषण गर्मी के कारण 14 मरीजों की मौत हो गई है। इसके अलावा लू लगकर मरने वालों की संख्या अब 68 हो गई है। मेडिकल केयर के डायरेक्टर डॉ. केएन तिवारी और इन्फेक्शस डिजीज के डायरेक्टर डॉ. एके सिंह के नेतृत्व में टीम ने कुछ मृतकों के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और अध्ययन किया कि क्या कोई विशिष्ट पैटर्न देखा जा सकता है।
गांवों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप
डॉ. एके सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा कि हमने कुछ परिवारों से बात की और पता चला कि मृतक लंबे समय से अस्वस्थ थे। उनमें से एक को टीबी था। लेकिन गांवों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप है। उन्होंने कहा कि गांवों में बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे ही एक गांव परबतपुर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, स्थानीय लोगों ने दावा किया कि ट्रांसफॉर्मर की खराबी के कारण दो सप्ताह से अधिक समय से गांव के आधे से अधिक हिस्से में बिजली नहीं है। राहत उपाय शुरू करने के लिए जिले के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
मौतों की संख्या भी आनुपातिक
सिंह ने कहा कि जिन मरीजों का इलाज चल रहा है, उनके कई ब्लड सैंपल एकत्र किए गए और जांच के लिए भेजे गए। बलिया जिला अस्पताल (डीएच) में मौतों के कारणों पर टिप्पणी करने के लिए पूछे जाने पर सिंह ने कहा, डीएच रेफरल केंद्र है और मरीजों का बोझ अधिक है, इसलिए मौतों की संख्या भी आनुपातिक है। डॉ सिंह ने कहा कि जिला अस्पताल के उन वाडरें में अतिरिक्त एयर कूलर लगाए गए हैं जहां कुछ मरीजों ने असहनीय गर्मी का सामना करने की शिकायत की थी। इसके अलावा, उपचार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त नर्सों और फार्मासिस्टों को तैनात किया गया है।


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