उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों 2020 में टिकट नहीं मिलने पर एक व्यापारी ने मौत को गले लगा लिया। मामला प्रदेश के गाजीपुर का है। व्यापारी ने अपने पीछे एक सुसाइड नोट छोड़ा जिसमें उसने विधानसभा चुनावों के लिए बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) द्वारा टिकट नहीं दिए जाने को अपनी मौत का कारण बताया है। मृतक व्यापारी की पहचान मुन्नू प्रसाद के रूप में हुई है।
सुसाइड नोट में व्यापारी मुन्नू प्रसाद ने आरोप लगाया कि बीएसपी अध्यक्ष मायावती उन्हें चुनाव लड़ने का टिकट देने के लिए दो करोड़ रुपये की मांग कर रही थीं। चूंकि वह इतनी बड़ी रकम देने की स्थिति में नहीं हैं, इसलिए अपनी जिंदगी खत्म कर रहे हैं।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपीनाथ सोनी ने कहा कि वे सुसाइट नोट की सच्चाई पता कर रहे हैं और जांच पूरी होने तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। इस बीच, बीएसपी के जिला समन्वयक गुड्डू राम ने कहा कि व्यापारी का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है और कथित सुसाइड नोट का उद्देश्य पार्टी को बदनाम करना है। हालांकि, व्यापारी के पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि वह पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होते थे और उन्होंने दावा किया था कि बसपा अध्यक्ष उन्हें ‘चुनाव में टिकट देंगी’।


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