अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के केस की तरह सीबीआई हाथरस मामले में भी पीड़ित और आरोपी के साथ उनके परिजनों के भी व्हाट्सएप चैट को रिट्रीव कर सकती है। दरअसल, सुशांत केस में उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के कुछ डिलीट किए व्हाट्सएप चैट को रिट्रीव (पुन: हासिल) किए थे। अब हाथरस केस में पीड़ित और आरोपी के परिजनों के मोबाइल से डिलीट चैट, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल करने के लिए भी सीबीआई रिट्रीव तकनीक का इस्तेमाल कर सकती है।
आरोपी रामू के नौकरी स्थल (दूध के चिलर प्लांट) से लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी की सीसीटीवी फुटेज को रिट्रीव फार्मूले से हासिल किया जा सकता है। चिलर प्लांट से फुटेज हासिल करने के लिए दिल्ली के एक एक्सपर्ट ने हां भी कर दी है।बूलगढ़ी से करीब ढाई किलोमीटर दूर चंदपा गांव के पास एक दूध के चिलर प्लांट पर आरोपी रामू नौकरी करता था। चिलर प्लांट संचालक आदि यह बता भी चुके हैं कि 14 सितंबर की सुबह रामू काम पर था। उसके दस्तखत भी रजिस्टर में हुए हैं।
वहीं दूसरी तरफ सीबीआई 14 सितंबर की जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को भी देखना चाहती है, इसलिए सीबीआई अफसर मंगलवार को जिला अस्पताल भी गए थे। बताया जाता है कि जिला अस्पताल में एक सप्ताह तक की ही रिकॉर्डिंग मौजूद है। ऐसा ही कुछ चिलर प्लांट पर भी है, जबकि केस की तह तक जाने के लिए सीबीआई को 14 सितंबर की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग देखना बेहद जरूरी है।


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