ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी की मौत की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह इस तरह की दूसरी घटना है जिसमें एक दोषी कैदी की न्यायिक हिरासत में मौत हुई है। ओवैसी ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए अंसारी के परिवार के सदस्यों के इस आरोप का हवाला दिया कि उन्हें धीमा जहर दिया गया।
- धीमा जहर दिए जाने का लगाया आरोप
- पहली घटना गोलीबारी की
- मुख्तार अंसारी की मौत की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए
दोषी कैदी की न्यायिक हिरासत में मौत
उन्होंने कहा, ‘‘एक उपयुक्त स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। परिवार जो कुछ कह रहा है, उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमें ऐसी दूसरी घटना देखने को मिली है जिसमें एक दोषी कैदी की न्यायिक हिरासत में मौत हुई है। पहली घटना गोलीबारी की है। अब, इस घटना में, परिवार का कहना है कि धीमा जहर दिया गया।
इस तरह की पहली घटना के बारे में ओवैसी की टिप्पणी गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बारे में थी।
धीमा जहर दिए जाने का लगाया आरोप
अज्ञात हमलावरों ने 2023 में प्रयागराज में एक मेडिकल कॉलेज के पास उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। मुख्तार के बेटे उमर अंसारी ने आरोप लगाया कि जेल में उनके पिता को धीमा जहर दिया गया था। हालांकि, अधिकारियों ने इस आरोप से इनकार किया है। उमर ने संवाददाताओं से कहा, मेरे पिता ने हमें बताया था कि उन्हें ‘धीमा जहर’ दिया जा रहा है। अब पूरा देश इस बारे में जानता है। मुख्तार अंसारी को बृहस्पतिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उत्तर प्रदेश में बांदा जिला जेल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।


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